नोबल पुरस्कार देने वालों ने वाकई हास्यास्पद स्थिति का निर्माण किया है। उन्होंने अमेरिका के कट्टर विरोधियों को बहुत कुछ आरोप लगाने का अवसर दिया है जो इस अवसर का खूब उपयोग कर रहे हैं। अमेरिका के कट्टर स… more →
दीपक भारतदीप की शब्द- पत्रिकाwrote 3 years ago: नोबल पुरस्कार देने वालों ने वाकई हास्यास्पद स्थिति का निर्माण किया है। उन्होंने अमेरिका के कट्टर विर … more →
wrote 5 years ago: मैने अखबार पढ़ना बचपन से ही शुरू किया क्योंकि मोहल्ले का वाचनालय हमारे किराये के घर के पास … more →
wrote 5 years ago: कोई हमारे दर्द को आकर सहलाये इस चाह में इन्तजार करने का ज़माना अब नहीं रहा किसी के दर्द को सहलाकर हम … more →
wrote 5 years ago: मेरा अमरीका मय भारत ———-> 1 सुबह के 11 बजे जब में उठी तो आदत से मजबूर बोली रामू … more →
wrote 5 years ago: मेरा अमरीका मय भारत ———-> 1 सुबह के 11 बजे जब में उठी तो आदत से मजबूर बोली रामू … more →
wrote 5 years ago: स्कूल में बच्चों को प्रोत्साहन देने के लिए ड्राइंग के शिक्षक ने चित्रकार प्रतियोगिता का आयोजन किय … more →
wrote 5 years ago: हिन्दुस्तान अमरीका बन जाए तो कैसा होगा – पाँच बातें । यह बीस-सुत्री कार्यक्रम जैसे स्टाईल में … more →
wrote 5 years ago: (यह व्यंग्य रचना काल्पनिक तथा किसी व्यक्ति या घटना से इसका कोई संबंध नहीं है ) देखो वही अपनी जिन्दगी … more →
wrote 5 years ago: देवराज इंद्र द्वारा राजा हरिश्चन्द्र के पुत्र रोहित को उपदेश के रुप में संस्कृत में दिए गये श्लोक का … more →
wrote 5 years ago: मुखों की बैठक में सिंहासन पर मुखोटा रखने का मसला उठा था सबके चेहरे थे दागदार चुनाव के जुए में लोगों … more →
wrote 5 years ago: अपनी इच्छाओं और आशाओं की सतत पूर्ती को ही मनुष्य वास्तविक सुख समझता है -उसे लगता है … more →
wrote 5 years ago: उनके इन्तजार में गुजारे कयी बरस जिन्हें कभी हमारी याद न आयी जब वह आये हमारे घर उनका बदल रुप देखकर ल … more →
wrote 5 years ago: जळ बिन सब सून -यह सबने सुना है पर शायद हमारे लोग सुनते हैं तो बस सुनन … more →
wrote 5 years ago: हम सारा दिन किसी न किसी काम में लगे रहने का प्रयास करते हैं, क्योंकि अपने जी … more →
wrote 6 years ago: जब सामान्य आदमी के मन में हलचल होती है वह उसे शांत करने के लिए किसी ज्ञानी क … more →
wrote 6 years ago: अक्सर लोग यह कहते हैं कि हमें धर्म की जरूरत क्यों है? हम अपना काम अच्छी … more →
wrote 6 years ago: Tमानवीय संवेनाओं पर अब कई तरह के व्यापार चल रहें हैं। uanhxzke dk fddzsV ls D;k laca/k gS\ bldk lh/k … more →
wrote 6 years ago: blogयह हर कोइ जानता था कि सभी क्रिकेटर अनफिट हीं पर कोइ बोलने के लिए तैयार नहीं था। Hkkjr fo’ … more →
wrote 7 years ago: धर्म का मेरे जीवन में बहुत महत्त्व है। मैं समझती हूं यदि किसी के जीवन में धर्म नहीं है तो जीवन जीना … more →