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	<title>आचार-संहिता &amp;laquo; WordPress.com Tag Feed</title>
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	<description>Feed of posts on WordPress.com tagged "आचार-संहिता"</description>
	<pubDate>Fri, 18 Jul 2008 21:35:09 +0000</pubDate>

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<title><![CDATA[चरम गुलामी : जब गुलामी भाने लगती है , बौद्धिक साम्राज्यवाद(३):अफ़लातून]]></title>
<link>http://samatavadi.wordpress.com/?p=281</link>
<pubDate>Tue, 19 Feb 2008 10:23:01 +0000</pubDate>
<dc:creator>अफ़लातून</dc:creator>
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<description><![CDATA[&#8216; विचारधारा और इतिहास के अंत की &#8216; घो]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p align="left"><strong>' विचारधारा और इतिहास के अंत की '</strong> घोषणाओं का वैश्वीकरण के हक़ में एक निश्चित बौद्धिक सहयोग है । फोर्ड फाउन्डेशन पोषित एक शोध में पुराने <strong>राष्ट्र-राज्य</strong> की अवधारणा के स्थान पर <strong>राज्य-राष्ट्र </strong>और<strong> 'मल्टीनेशनल स्टेट'</strong> जैसी अवधारणा प्रस्तुत करते हुए कस्मीर और उत्तर-पूर्वी  भारत के उदाहरण दिए गए हैं । ऐसे विद्वानों द्वारा तमिलनाडु के हिन्दी विरोधी आन्दोलन में बहुराष्त्रीय राज्य के तत्व होने की बात कही गई है । <em><font color="#0000ff">गुलामी के चरम दौर को समझाते हुए किशन पटनायक कहते थे कि उसमें गुलामी का अहसास भी नहीं रह जाता है । अहसास रहने पर मानव-स्वभाव मुक्ति के लिए उद्यत होता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया था कि गुलामी में एक प्रकार की सुरक्षा का अहसास रहता है। बौद्धिक गुलामी के बारे में भी ये सामान्य बातें लागू होती हैं ।</font></em></p>
<p align="left"><font color="#0000ff"><em>    </em></font><font color="#000000">सरकार द्वारा लिए गए विदेशी धन से चलने वाली प्राथमिक शिक्षा परियोजनाओं में अदना नौकरी करने और शोध परियोजनाओं का परिचालन करने फर्क को नजरन्दाज नहीं किया जाना चाहिए , पर छोटी-बड़ी किसी भी विदेशी मदद से चलने वाली परियोजनाओं में यदि भारत के प्रगतिशील कहे जाने वाले समाज विज्ञानी शरीक हों तब उनकी गतिविधियों और भूमिका की जांच का एक तरीका अवश्य होना चाहिए(कि.प.)।कम्युनिस्ट पार्टियों में जांच का एक तरीका मौजूद है। <strong><font color="#0000ff">जो समूह वैश्वीकरण का मुकम्मल विकल्प देने की विचारधारा से लैस होने का दावा करते हैं उन्हें बौद्धिक साम्राज्यवाद के इन पहलुओं के प्रति सचेत रहना होगा ।</font></strong></font></p>
<p align="left"><font color="#0000ff"><strong>    </strong></font><font color="#000000">विदेशी दानदाता संस्थाओं के द्वारा 'मानवीय चेहरे वाला वैश्वीकरण' और 'न्यायपूर्ण वैश्वीकरण' की घोषणाएं की जा रही हैं जिनका मकसद वैश्वीकरण विरोधी जन-उभार को दिग्भ्रमित करना है। हालांकि गौण या हाशिए के मसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कुछ ऊपरी तौर पर प्रगतिशील दिखने वाले अध्ययनों और आन्दोलनों को बढ़ावा दिया जाता है। 'सबऑल्टर्न स्टडीज़' इसका नमूना है। पूंजीवाद के समक्ष जब भी संकट आता है वह अपने बचाव के लिए ऐसे कदम उठाता है । महान आर्थिक मन्दी के बाद के दौर में जिस तरह कल्याणकारी राज्य के कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए ठीक उसी तरह 'मानवीय चेहरे वाला वैश्वी करण' मौजूदा दौर में चलाया जा रहा है ।</font></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">- अफ़लातून , राज्य अध्यक्ष , समाजवादी जनपरिषद - उत्तर प्रदेश</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#993366">समाजवादी जनपरिषद की बाबत अविनाश द्वारा उद्धृत जनसत्ता की कतरन में उन्हें कुछ भ्रम हुआ है।भ्रम का मुख्य आधार मेरे इन विचारों और सीएसडीएस से जुड़े दल के सदस्य का होना है। इस बाबत स्पष्ट हो कि:</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">दल के संविधान की 3.1.(2) के अनुसार सक्रिय सदस्य दल द्वारा स्वीकृत आचरण संहिता का पालन करेगा। दल की आचरण संहिता पर हमे फक्र है तथा नई राजनैतिक संस्कृति की स्थापना के लिए इसे हम अनिवार्य मानते हैं। इसे यहाँ पूरा दे रहा हूँ :</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">समाजवादी जनपरिषद के प्रत्येक सक्रिय सदस्य के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह-</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">1.1 जनेऊ जैसे जातिश्रेष्ठता के चिह्न धारण नहीं करेगा।</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">1.2 छुआछूत का किसी भी रूप में पालन नहीं करेगा।</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">1.3 जाति आधारित गालियों का प्रयोग नहीं करेगा ।</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">1.4 दबी हुई जातियों को छोड़कर किसी भी अन्य जाति विशेष संगठन की सदस्यता स्वीकार नहीं करेगा।</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">2.1 दहेज नहीं लेगा ।</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">2.2 औरत की पिटाई नहीं करेगा और औरत(नारी) विरोधी गालियों का व्यवहार नहीं करेगा।</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">2.3 एक पत्नी या पति के रहते दूसरी शादी नहीम करेगा और न ही उस स्थिति में बिना शादी के किसी अन्य महिला/पुरुष के साथ घर बसाएगा ।</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">3 धार्मिक या सांप्रदायिक द्वेष फैलाने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होगा ।</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">4 समाजवादी जनपरिषद के प्रत्येक सदस्य के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह ऐसे किसी गैरसरकारी स्वैच्छिक संस्था (  NGO ), जो मुख्यत: विदेशी धन पर निर्भर हो,</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">(क) का संचालन नहीं करेगा ।</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">(ख) की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली समिति का सदस्य नहीं होगा।</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">(ग) से आजीविका नहीं कमाएगा ।</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">5.1 सदस्यता-ग्रहण/नवीनीकरण के समय अपनी व्यक्तिगत सम्पत्ति व आय की घोषणा करेगा ।</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">5.2 अपनी व्यक्तिगत आय का कम से कम एक प्रतिशत नियमित रूप से समाजवादी जनपरिषद को देगा।</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">5.3 विधायक या साम्सद चुने जाने पर अपनी सुविधाओं का उतना अंश दल को देगा जो राष्त्रीय कार्यकारिणी द्वारा तय किया जायेगा।</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff">    उपर्युक्त आचरण संहिता के प्रावधान को न मानना दल की न्यूनतम कसुटी का उल्लंघन माना जाएगा और यह दल द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही का आधार होगा।</font></strong></p>
<p align="left"><strong><font color="#0000ff"></font></strong></p>
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