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	<title>एतबार &amp;laquo; WordPress.com Tag Feed</title>
	<link>http://wordpress.com/tag/एतबार/</link>
	<description>Feed of posts on WordPress.com tagged "एतबार"</description>
	<pubDate>Mon, 08 Sep 2008 06:38:01 +0000</pubDate>

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	<language>en</language>

<item>
<title><![CDATA[यादों की मद्धम आँच में]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=979</link>
<pubDate>Sat, 07 Jun 2008 09:43:05 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=979</guid>
<description><![CDATA[यादों की मद्धम आँच में
ज़हनी जज़्बात पिघ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color:#000000;">यादों की मद्धम आँच में<br />
ज़हनी जज़्बात पिघलते जा रहे हैं<br />
मेरे दिल में आ रहे हैं<br />
ख़ुद काग़ज़ पर उतरते जा रहे हैं</span></p>
<p><span style="color:#000000;">अकेला मैं चीज़ क्या हूँ? कुछ नहीं!<br />
तेरा साथ पाकर पूरा हो जाता हूँ<br />
इस ज़िन्दगी को समझने लगता हूँ<br />
तेरे एतबार से नया हासिल पाता हूँ</span></p>
<p><span style="color:#000000;">तेरे साथ बीते हर सुबह हर शाम<br />
मैं तेरे क़रीब आ रहा हूँ<br />
नग़मए-नाम तेरा गुनगुना रहा हूँ<br />
दर्मियाँ फ़ासले मिटा रहा हूँ</span></p>
<p><span style="color:#000000;">इरादा कर लो मेरे साथ तुम रहोगे<br />
हर ख़ाब पूरा करूँगा जो देखोगे<br />
सुनो धड़कन, इस दिल की सदा तुम<br />
क्यों यक़ीं है मुझे अपना कहोगे</span></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: २००४</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[मुझसे कोई प्यार कर ले]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=974</link>
<pubDate>Fri, 30 May 2008 07:51:24 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=974</guid>
<description><![CDATA[मुझसे कोई प्यार कर ले
दिल अपना देकर, दि]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color:#000000;">मुझसे कोई प्यार कर ले<br />
दिल अपना देकर, दिल मेरा ले ले<br />
मुझसे कोई प्यार कर ले...</span></p>
<p><span style="color:#000000;">तन्हाइयों का दर्द छुपा रखा है<br />
इसे कोई कभी दो आँखों से चुरा ले<br />
मुझसे कोई प्यार कर ले...</span></p>
<p><span style="color:#000000;">यह हसीं जज़्बात टिके हुए हैं लबों पे<br />
इन्हें कोई अपने लबों से चख ले<br />
दिल अपना देकर, दिल मेरा ले ले<br />
मुझसे कोई प्यार कर ले...</span></p>
<p><span style="color:#000000;">दु:ख यह मेरा दु:ख कब चुकेगा<br />
तूफ़ान यह दिल में कब रुकेगा<br />
मुझपे कोई एतबार कर ले<br />
मुझसे कोई प्यार कर ले...</span></p>
<p><span style="color:#000000;">चेहरा जो दिल को अपना लगेगा<br />
समा जो बस इक सपना लगेगा<br />
वह उस ख़ाब में मुझको बुला ले<br />
मुझसे कोई प्यार कर ले...</span></p>
<p><span style="color:#000000;">वह हुस्न की जादूगरी हो न हो<br />
वह महजबीं या परी हो न हो<br />
बस मुझे अपनी तक़दीर बना ले<br />
मुझपे कोई एतबार कर ले...</span></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: २००४</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[हर गली में ढूँढ़ा तेरा निशाँ]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=957</link>
<pubDate>Wed, 02 Apr 2008 20:21:33 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=957</guid>
<description><![CDATA[हर गली में ढूँढ़ा तेरा निशाँ
मैं भटकता]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">हर गली में ढूँढ़ा तेरा निशाँ<br />
मैं भटकता रहा यहाँ-वहाँ</font></p>
<p><font color="#000000">बेताब है हर लम्हा नज़र<br />
उतरे न इश्क़ का ज़हर</font></p>
<p><font color="#000000">प्यास है तेरे दीदार की<br />
चाहत है तेरे एतबार की</font></p>
<p><font color="#000000">रुख़ पे ज़ुल्फ़ परेशान है<br />
अधूरी तेरी-मेरी दास्तान है</font></p>
<p><font color="#000000">तस्वीरें तेरी चुनता रहा<br />
रोज़ नये ख़ाब बुनता रहा</font></p>
<p><font color="#000000">तस्वीरों से बात करता हूँ मैं<br />
प्यार तुमसे करता हूँ मैं</font></p>
<p><font color="#000000">संगदिल से इल्तिजा की<br />
ख़ुदा से तेरे लिए दुआ की</font></p>
<p><font color="#000000">किस दर पे न माँगा तुम्हें<br />
अब तक क्यों न पाया तुम्हें</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: २००४</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[इक दिन तू चली जायेगी ]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=931</link>
<pubDate>Sat, 15 Mar 2008 14:46:00 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=931</guid>
<description><![CDATA[मेरी जान न कर मुझसे मोहब्बत इतनी
कि इक ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">मेरी जान न कर मुझसे मोहब्बत इतनी<br />
कि इक दिन तू चली जायेगी<br />
एतबार मैं तेरा कर तो लूँगा<br />
मगर इक दिन तू चली जायेगी </font></p>
<p><font color="#000000">ख़ूबसूरत यह दिन, हसीन यह पल<br />
साथ जो तेरे मैंने गुज़ारे हैं<br />
सारे जहाँ की चाहत है इनमें<br />
और यह सब तुम्हारे हैं, सब तुम्हारे हैं</font></p>
<p><font color="#000000">मैं वही दरख़्त हूँ<br />
जिस पर मौसम आते रहे, जाते रहे<br />
इक बहार की तरह तू भी आयी है<br />
और इक दिन तू चली जायेगी</font></p>
<p><font color="#000000">कोई वादा न कर तू रुकेगी ज़हन में<br />
यादों की इक आँधी इक तूफ़ान की तरह<br />
चले जाना तेरी उल्फ़त की तक़दीर है<br />
माना मेरे साथ है तू हमसफ़र की तरह</font></p>
<p><font color="#000000">मैं वही बादल हूँ<br />
जिसकी बाँहों में छिपता है चाँद कभी-कभी<br />
बिल्कुल चाँद की तरह तू भी आयी है<br />
और इक दिन तू चली जायेगी</font></p>
<p><font color="#000000">मेरी जान न कर मुझसे मोहब्बत इतनी<br />
कि इक दिन तू चली जायेगी...</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: २००३</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[क्यों हो गया न प्यार...!]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=861</link>
<pubDate>Thu, 28 Feb 2008 13:48:22 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=861</guid>
<description><![CDATA[यह प्यार चीज़ क्या है?
दीवानों का है काम
]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">यह प्यार चीज़ क्या है?<br />
दीवानों का है काम<br />
बेकार ही पीछे दौड़ते हैं<br />
बिन सोचे अन्जाम</font></p>
<p><font color="#000000">कहते थे कि प्यार हमको होगा नहीं<br />
क्यों हो गया न प्यार...!</font></p>
<p><font color="#000000">बहुत तन के चलते थे<br />
जब घर से निकलते थे<br />
प्यार में क्या रखा है<br />
बस एक ही बात रटते थे</font></p>
<p><font color="#000000">आज मुँह पर उल्टी आ पड़ी हर बात<br />
क्यों हो गया न प्यार...!</font></p>
<p><font color="#000000">आज क्या हुआ<br />
वह नाक पे बैठा हुआ गुस्सा<br />
चलो लाओ दो हमें<br />
प्यार में हमको हमारा हिस्सा</font></p>
<p><font color="#000000">अजी नज़र चुराकर कहाँ चल दिए<br />
क्यों हो गया न प्यार...!</font></p>
<p><font color="#000000">प्यार ख़ूबसूरत है<br />
यह दिल की ज़रूरत है<br />
दुनिया में बस यही<br />
ख़ुदा की एक इनायत है</font></p>
<p><font color="#000000">आज तुमको हो गया हमपे एतबार<br />
क्यों हो गया न प्यार...!</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: १० मई २००३</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[इक चाँद है आसमाँ में]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=817</link>
<pubDate>Tue, 19 Feb 2008 13:39:57 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=817</guid>
<description><![CDATA[इक चाँद है आसमाँ में रोशन-रोशन
दिल में ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">इक चाँद है आसमाँ में रोशन-रोशन<br />
दिल में है हर पल इक तड़पन<br />
सुन रहा हूँ दीवाने दिल की धड़कन</font></p>
<p><font color="#000000">चाँद जो वह आसमाँ पर है<br />
ख़ाब जो वह ज़मीं पर है<br />
उसकी रोशनी फैली है हर कहीं<br />
लेकिन नज़र में तुम नहीं</font></p>
<p><font color="#000000">तेरी झलक पर यूँ कोहरे क्यों छा गये<br />
तुम नहीं जब तो यह गुल मुरझा गये</font></p>
<p><font color="#000000">इक चाँद है आसमाँ में रोशन-रोशन<br />
दिल में है हर पल इक तड़पन<br />
सुन रहा हूँ दीवाने दिल की धड़कन</font></p>
<p><font color="#000000">नग़मा जो वह ज़ुबाँ पर है<br />
कलमा जो वह दिलो-जाँ पर है<br />
बेवफ़ा, सुनो मेरे दिल की सदा<br />
तेरे लिए ही है मेरी वफ़ा</font></p>
<p><font color="#000000">तुमसे ही मेरा जहाँ, तुम मेरी हमनवाँ<br />
एतबार मेरा कर ले मुझे बाँहों में भर ले</font></p>
<p><font color="#000000">इक चाँद है आसमाँ में रोशन-रोशन<br />
दिल में है हर पल इक तड़पन<br />
सुन रहा हूँ दीवाने दिल की धड़कन</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: १९९८-१९९९</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[यह कोरे काग़ज़]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=791</link>
<pubDate>Sat, 16 Feb 2008 17:43:21 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=791</guid>
<description><![CDATA[यह कोरे काग़ज़ करते हैं दिल की बात
जैसे य]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">यह कोरे काग़ज़ करते हैं दिल की बात<br />
जैसे यह कोरे हैं वैसे मेरे दिन-रात<br />
अपनी मुलाक़ात कब मुकम्मल हुई थी<br />
दर्द मेरे दिल में बढ़ते रहे इफ़रात...</font></p>
<p><font color="#000000">इन अफ़सानों में अपना एक किरदार है<br />
ज़ुबाँ से निकला हर लफ़्ज़ किरायेदार है<br />
गुज़रती तारीख़ों में तेरी राह तकते हैं<br />
यह फ़ैसला कैसे हो किस पे एतबार है</font></p>
<p><font color="#000000">यह कोरे काग़ज़ करते हैं दिल की बात<br />
जैसे यह कोरे हैं वैसे मेरे दिन-रात...</font></p>
<p><font color="#000000">बैठते हैं जब अकेले यूँ तन्हाई में हम<br />
एक ख़त लिखने की सोचते हैं तुम्हें हम<br />
तभी एक आहट-सी कानों में जाती है<br />
और फिर खिड़की से देखते हैं तुम्हें हम</font></p>
<p><font color="#000000">अपनी मुलाक़ात कब मुकम्मल हुई  थी<br />
दर्द मेरे दिल में बढ़ते रहे इफ़रात...</font></p>
<p>संवाद:<br />
<font color="#000000">हर कोरा काग़ज़ यूँ फड़फड़ाता है<br />
जैसे आवाज़ देकर हमें बुलाता है<br />
एक तकलीफ़ दिल में उठती है<br />
जब आपका ख़्याल हमें आता है</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: १९९८-१९९९</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[प्यार ज़िन्दगी को बदल देता है]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=788</link>
<pubDate>Sat, 16 Feb 2008 06:28:32 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=788</guid>
<description><![CDATA[प्यार ज़िन्दगी को बदल देता है
उड़ जाये ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">प्यार ज़िन्दगी को बदल देता है<br />
उड़ जाये होश खो जाये दिल<br />
कुछ ऐसा काम कर जाता है</font></p>
<p><font color="#000000">मेरे सपनों में कोई आने लगा<br />
देने लगा मुझको कोई सज़ा<br />
एतबार क्यों ख़ुद पर न रहा<br />
वह मेरा यह हाल कर गया<br />
हो गया प्यार हो गया प्यार<br />
मुझको उससे प्यार हो गया</font></p>
<p><font color="#000000">प्यार ज़िन्दगी को बदल देता है<br />
उड़ जाये होश खो जाये दिल<br />
कुछ ऐसा काम कर जाता है</font></p>
<p><font color="#000000">चार-सू वह नज़र आने लगा<br />
छाने लगा मुझ पर यह नशा<br />
एतबार क्यों ख़ुद पर न रहा<br />
वह मेरा यह हाल कर गया<br />
हो गया प्यार हो गया प्यार<br />
मुझको उससे प्यार हो गया</font></p>
<p><font color="#000000">प्यार ज़िन्दगी को बदल देता है<br />
उड़ जाये होश खो जाये दिल<br />
कुछ ऐसा काम कर जाता है</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: १९९८-१९९९</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[मेरी मुहब्बत तो झूठी नहीं]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=702</link>
<pubDate>Tue, 05 Feb 2008 04:58:51 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=702</guid>
<description><![CDATA[मेरी मुहब्बत तो झूठी नहीं
अगर मैं झूठा]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">मेरी मुहब्बत तो झूठी नहीं<br />
अगर मैं झूठा हूँ<br />
तुम जो गये हो यहाँ से<br />
पल-पल मैं टूटा हूँ<br />
किसी का एतबार नहीं करता<br />
किसी को देखकर नहीं मरता<br />
एक फ़ितरत-सी बन गयी है<br />
हर पल तुम्हें याद करने की<br />
तुम्हें भूलने की कोशिश में<br />
हर पल तुम्हें क़रीब रखता हूँ</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: २०००-२००१</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[मैं कम-शक़्ल हूँ]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/2007/11/30/%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%ae-%e0%a4%b6%e0%a5%98%e0%a5%8d%e0%a4%b2-%e0%a4%b9%e0%a5%82%e0%a4%81-%e0%a4%89%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%95/</link>
<pubDate>Fri, 30 Nov 2007 23:30:39 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/2007/11/30/%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%ae-%e0%a4%b6%e0%a5%98%e0%a5%8d%e0%a4%b2-%e0%a4%b9%e0%a5%82%e0%a4%81-%e0%a4%89%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%95/</guid>
<description><![CDATA[जिसे चाहता हूँ वो कहता है मुझसे प्यार ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">जिसे चाहता हूँ वो कहता है मुझसे प्यार न कर<br />
दर्द सहना पड़ेगा' मेरा इन्तज़ार न कर</font></p>
<p><font color="#000000">मेरा दिल धड़कता है तुम्हारा नाम लेता है ज़ोर-ज़ोर<br />
कहता है दीवाने मुझपे तू इख़्तियार न कर</font></p>
<p><font color="#000000">मेरी दुआ में असर आया है एक मुद्दत के बाद<br />
सर्द आह कहती है मुझको शरार न कर</font></p>
<p><font color="#000000">दुनिया का डर कैसा? क्या उसे नहीं मेरा एतबार<br />
बावजूदे-प्यार वह नहीं देखता है मुझे मुड़कर</font></p>
<p><font color="#000000">मैंने क्या ख़ता की ख़ुदाया मुझे किस बात की<br />
उसकी नज़र क्यों झुक जाती है मुझे देखकर</font></p>
<p><font color="#000000">मैं कम-शक़्ल हूँ उसे इस बात की नहीं परवाह<br />
उसको चाहूँगा मैं सारे रस्मो-रिवाज़ तोड़कर</font></p>
<p><font color="#000000"><br />
</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र'<br />
लेखन वर्ष: २००५</p>
]]></content:encoded>
</item>

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