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	<title>कॉपीराईट &amp;laquo; WordPress.com Tag Feed</title>
	<link>http://wordpress.com/tag/कॉपीराईट/</link>
	<description>Feed of posts on WordPress.com tagged "कॉपीराईट"</description>
	<pubDate>Sat, 30 Aug 2008 10:13:12 +0000</pubDate>

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	<language>en</language>

<item>
<title><![CDATA[क्या आप चोर हैं? - भाग ३]]></title>
<link>http://itsme.wordpress.com/2007/12/21/are-you-a-thief-3/</link>
<pubDate>Fri, 21 Dec 2007 01:37:26 +0000</pubDate>
<dc:creator>Amit</dc:creator>
<guid>http://itsme.wordpress.com/2007/12/21/are-you-a-thief-3/</guid>
<description><![CDATA[पिछले भाग से आगे &#8230;..
अभी हाल ही में हिन]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><em><a href="/2007/12/10/are-you-a-thief-2/">पिछले भाग</a> से आगे .....</em></p>
<p>अभी हाल ही में हिन्दी ब्लॉगजगत में पोस्ट आदि की चोरी का मुद्दा उठा था और बहुत से लोगों ने पुरज़ोर इसका विरोध करते हुए इस पर अपने कड़े विचार व्यक्त किए थे। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि कुछ लोग जो अपने ब्लॉगों से पोस्ट चोरी होने पर व्यथित और क्रोधित थे(इतने कि उनका वश चलता तो चोर को फांसी पर चढ़ा देते और उसके कपड़े बीच बाज़ार नीलाम कर देते) यदि उनके ब्लॉग देखें जाएँ तो बहुत सा चोरी का माल उनके पास ही मिल जाएगा। क्यों भई, आपका माल चोरी हो तो वह गलत, लेकिन आप किसी का माल चोरी करो तो वह गलत नहीं है? मेरा इरादा किसी व्यक्ति विशेष का नाम लेकर उनको सरेआम बेइज़्ज़त करना नहीं है, मैं विनम्र शब्दों में सिर्फ़ यह बताना चाहता हूँ कि जिस तरह आपका लिखा आपका कॉपीराइट है उसी प्रकार किसी अन्य का माल भी उसकी संपत्ति है जिसे आप बिना उस व्यक्ति की आज्ञा के नहीं प्रयोग कर सकते।</p>
<p>खैर यह तो अलग बात है, लेकिन कुछ लोग बड़े बेशर्म भी होते हैं। चोरी जाने में की या अजनाने में, उनको जब चोरी हुए माल का मालिक विनम्र शब्दों में यह कहे कि भई यह मेरा माल है और इसको प्रयोग करने की अनुमति आपने नहीं ली है इसलिए इसको हटा लीजिए तो दो तरह से व्यक्ति पेश आता है:</p>
<ol>
<li>आपका माल हटाने से साफ़ मुकर जाता है और आपको कहता है कि जो उखाड़ सकते हो उखाड़ लो, यानि कि एक तो चोरी ऊपर से सीनाज़ोरी।</li>
<li>आपका माल हटाने को मान जाता है लेकिन अपने मानसिक असंतुलन को दिखाने के लिए या तो आपको ईमेल द्वारा भला बुरा कहता है या फिर यदि मानसिक संतुलन कुछ अधिक ही बिगड़ा हुआ है तो अपनी मूर्खता का प्रचार करने के लिए सरेआम ब्लॉगपोस्ट आदि लिख आप पर व्यंग्य करता है।</li>
</ol>
<p>दूसरी तरह से पेश आने वाले लोगों की तो छोड़ ही दें, उनपर तो <em>खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे</em> वाली कहावत चरितार्थ होती है। इन लोगों को इस बात का शुक्र नहीं होता कि जिसका माल इन्होंने चोरी किया उसने प्यार-मोहब्बत से बोलते हुए इनसे वह माल हटाने को कहा जबकि वह सीधे ही लीगल नोटिस भिजवा के इन पर हर्जाने का मुकदमा भी ठोक सकता था। ऐसे लोग परिपक्व नहीं होते और छोटे बालकों की बुद्धि के होते हैं, इसलिए इन की बात का क्या बुरा मानना। <em>वैसे हाल ही में मेरे साथ भी ऐसा ही वाकया हुआ और मैंने यह सोच ही मेरा माल उड़ाने वाले व्यक्ति के व्यंग्य को जाने दिया कि इससे क्या अपना माथा फोड़ना। वैसे गौरतलब बात यह थी कि अमुक व्यक्ति ने पूरी तरह जानते बूझते हुए मेरा कॉपीराइट नोटिस हटा के मेरे द्वारा ली फोटो प्रयोग की थी और मुझे भोला बन के दिखा रहा था कि उसे नहीं पता क्या हुआ।</em></p>
<p>खैर, मुख्य है यहाँ पहली तरह के व्यक्ति, जो कि चोरी भी करते हैं और सीनाज़ोरी भी। अब ऐसे व्यक्ति आपके समझाने से नहीं समझेंगे, ये इस गफ़लत में होते हैं कि आप इनका कुछ कर नहीं सकते। लेकिन ऐसा नहीं है, इनका बहुत कुछ बिगड़ सकता है, बस बिगाड़ने की नीयत चाहिए और निम्न तरीकों से इनका जीना दुश्वार कर सकते हैं:</p>
<ol>
<li>यदि <em>चोर</em> आपके देश में रहता है तो आप उस पर मुकदमा कर सकते हैं। कोई बहुत बड़ा आफ़त वाला काम नहीं है आपके लिए, सिर्फ़ सिविल कोर्ट में कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा करना है। मुकदमा करने से पहले लीगल नोटिस भेजा जा सकता है, अधिकतर सीनाज़ोर इस लीगल नोटिस के मिलने से ही हिल जाते हैं, क्योंकि यकीन मानिए कोर्ट में तो वे भी नहीं जाना चाहेंगे।</li>
<li>उस व्यक्ति के वेब होस्ट से शिकायत कर सकते हैं। अधिकतर वेबहोस्ट इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेते हैं और यदि आपकी बात में सच्चाई है तो वे अमुक व्यक्ति को या तो आपका माल हटाने को कहेंगे या फिर उनको सूचित किए बिना उनकी वेबसाइट/ब्लॉग को क्लीन-बोल्ड कर देंगे। यदि ब्लॉग ब्लॉगस्पॉट या वर्डप्रैस.कॉम जैसी सेवा पर है तो आपका काम अधिक आसान होगा क्योंकि ये लोग ऐसे मामलों को बर्दाश्त करने वालों में से नहीं हैं।</li>
</ol>
<p>अब यदि <em>चोर</em> आपके देश का निवासी नहीं है तो कचहरी में उसपर मुकदमा करना कदाचित्‌ आपके लिए संभव नहीं होगा लेकिन दूसरा तरीका तो आप अपना ही सकते हैं और कामयाबी मिलने पर आपका कार्य तो हो ही गया, <em>चोर</em> की वेबसाइट/ब्लॉग से आपका माल तो हट ही जाएगा साथ-२ सज़ा के तौर पर उसका अपना माल भी साफ़ हो जाएगा।</p>
<p>तो यदि आप भी सीनाज़ोरी करने वाले लोगों में से हैं तो सावधान हो जाईये, यह सीनाज़ोरी महंगी पड़ सकती है। यदि माल का मालिक आपसे विनम्र निवेदन कर रहा है अपना माल हटाने का तो अपने आपको भाग्यशाली मानिए क्योंकि उसको कोई आवश्यकता नहीं है कि आपसे विनम्र निवेदन करे, वह आपसे डंडे के ज़ोर पर भी बात कर सकता है।</p>
<p>लेकिन एक बात जो बहुत सामान्य है और जिसको अधिकतर लोग व्यवहार में नहीं लाते वह है सामाजिक शिष्टाचार। क्या आप अपने पड़ोसी या किसी परिचित के घर जाते हैं और जो चीज़ आपको पसंद आती है वह आप बिना पूछे ऐसे ही उठा लाते हैं? यदि आप विनम्र होकर अमुक वस्तु को प्रयोग करने की अनुमति माँगे तो प्रायः अनुमति मिल ही जाती है। "प्लीज़" तथा "कृपया" जैसे शब्द बहुत प्रभावशाली होते हैं, इनका वार खाली जाने की बहुत कम संभावना होती है। तो क्यों लोग ऑनलाईन इस शिष्टाचार को भूल जाते हैं। यदि यह समझते हैं कि ऑनलाईन उनको कोई पकड़ नहीं सकता या उनका कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता तो यह सोचना ठीक वैसा है जैसा कि किसी शुतुरमुर्ग का रेत में अपनी मुंडी छुपा सोचना कि उसको कोई देख नहीं सकता।</p>
<p>हाल ही की बात है कि मैं एक विषय पर एकाध लेख लिखने की सोच रहा था तो उससे संबन्धित कुछ ग्राफिक्स (graphics) आदि मुझे लेख में प्रयोग करने थे। अब जिन वेबसाइट पर वे ग्राफिक्स (graphics) थे वहाँ उनको प्रयोग करने संबन्धी कोई जानकारी नहीं थी जिसका यह अर्थ हुआ कि उनको प्रयोग नहीं किया जा सकता। तो इसलिए मैंने उन वेबसाइटों के मालिकों को निजी ईमेल लिख उनसे अनुमति लेना बेहतर समझा, उनको बताया कि किस कार्य के लिए मुझे वे ग्राफिक्स (graphics) चाहिए और उन्होंने बिना हिचके मुझे उन ग्राफिक्स (graphics) को अपने लेख में प्रयोग करने की अनुमति दे दी। यदि वे अनुमति नहीं देते तो मैं जबरन उनके माल को प्रयोग नहीं करने वाला था, उस स्थिति में मैं फिर वैसे ही अन्य ग्राफिक्स (graphics) देखता या फिर स्वयं अपने आप बनाता।</p>
<p>चोरी की बात तो यहाँ तक है कि बड़ी-२ कंपनियाँ तक कान पकड़ जाती हैं आम लोगों के सामने। अभी हाल ही की बात है, यहीं दिल्ली के एक परिचित, जो कि मेरी तरह शौकिया फोटोग्राफ़र है, द्वारा ली एक फोटो को बिना उनकी अनुमति के निकोन (nikon) वालों ने अपने विज्ञापन में छाप दिया था। जैसे ही उस परिचित को पता चला वह चढ़ दौड़ा निकोन (nikon) वालों पर और निकोन (nikon) वाले भी कदाचित्‌ कोई कोर्ट आदि का चक्कर नहीं लगाना चाहते थे इसलिए दोनो पार्टियों ने आपस में ही समझौता कर लिया जिसके तहत निकोन (nikon) वालों ने कुछ हर्जाना आदि देकर अपनी जान छुड़ाई। और इससे पहले एक अन्य प्रसिद्ध हाई-प्रोफाईल मामला तब हुआ था जब लगभग आठ-नौ महीने पहले <a href="http://www.globalvoicesonline.org/2007/03/12/hindi-blogoshere-yahoo-plagiarises-from-blogs-and-cops-shake-hands-with-goons/">याहू के मलयालम पोर्टल पर एक ब्लॉगर का चोरी किया लेख</a> पूर्ण रूप में छाप दिया गया था बिना किसी अनुमति के और हल्ला मचने पर याहू ने दोष मढ़ दिया अपने माल के सप्लायर वेबदुनिया पर और सरेआम माफ़ी भी माँगी। रुचिकर बात यह रही कि <a href="http://www.globalvoicesonline.org/2007/03/30/hindi-blogosphere-hi-tech-blogger-meet-and-match-making-over-blogs/">पढ़ने में आया</a> कि याहू द्वारा माफ़ी माँगने के कुछ ही दिन के भीतर याहू की भारतीय शाखा के कन्टेन्ट हेड (content head) अजय नाम्बियार और मनोरंजन हेड (head of entertainment) नियती सेनगुप्ता ने अपने-२ पदों से इस्तीफ़े दे दिए।</p>
<p>इसलिए सीधी-साधी सलाह यही है कि शिष्टाचार को नहीं भूलना चाहिए। जो लोग शिष्टाचार को औपचारिकता कह दरकिनार करते हैं उनको किसी जंगल में जाकर आदि-मानव की भांति रहना चाहिए क्योंकि सभ्य समाज में रहने लायक वे नहीं लगते। और साथ ही गूगल के मोटो (motto) <em>Do no Evil</em> यानि कि <em>बुरा मत करो</em> को ध्यान में रखिए, बेशक गूगल इसको मानने में अब यकीन न रखे लेकिन आप अवश्य रखिए क्योंकि आप गूगल नहीं हैं और बहुत लोग आपका बहुत कुछ उखाड़ सकते हैं, इसलिए पंगा काहे लें!! :)</p>
<p>&#160;<br />
<strong>तीन भागों का यह लेख आम जनता के लाभार्थ लिखा गया है और इसको लिखने के पीछे मेरा मकसद किसी से खुन्दक निकालना या किसी पर तंज कसना नहीं है।</strong></p>
<p>&#160;</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[क्या आप चोर हैं? - भाग २]]></title>
<link>http://itsme.wordpress.com/2007/12/10/are-you-a-thief-2/</link>
<pubDate>Mon, 10 Dec 2007 01:37:51 +0000</pubDate>
<dc:creator>Amit</dc:creator>
<guid>http://itsme.wordpress.com/2007/12/10/are-you-a-thief-2/</guid>
<description><![CDATA[पिछले भाग से आगे &#8230;..
पिछले भाग पर कुछ श]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><em><a href="/2007/12/06/are-you-a-thief/">पिछले भाग</a> से आगे .....</em></p>
<p>पिछले भाग पर कुछ शंकाएँ और प्रश्न माननीय पाठकों ने किए जिनके उत्तर तो मैंने वहीं टिप्पणी में दे दिए थे लेकिन यहाँ भी इसलिए छाप रहा हूँ कि जिन्होंने नहीं पढ़े वे लाभ उठा सकें क्योंकि ये कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न और शंकाएँ हैं जो कि एकाध को नहीं वरन्‌ कई लोगों को हैं।</p>
<p><a href="/2007/12/06/are-you-a-thief/#comment-4034">अनिल रघुराज जी ने कहा</a>:</p>
<blockquote><p>
मैं तो flickr से ही फोटो लेता हूं। कैसे पता चलेगा कि कोई फोटो पब्लिक डोमेन में है या नहीं।
</p></blockquote>
<p>इसका उत्तर मैंने यूँ दिया:</p>
<blockquote><p>अनिल जी, फ्लिकर पर कोई फोटो पब्लिक डोमेन में नहीं है, सभी कॉपीराईट के अंतर्गत उनके मालिकों की संपत्ति हैं। लेकिन बहुत लोगों ने फ्लिकर पर अपनी फोटो क्रिएटिव कॉमन्स (creative commons) लाइसेन्स के अंतर्गत रखी हुई हैं जिसके अनुसार आप उनका प्रयोग कर सकते हैं बशर्ते आप लाईसेन्स ले नियमों और शर्तों का पालन करें। आप फ्लिकर पर किसी भी फोटो को क्लिक कर उसके पेज पर पहुँच सकते हैं। वहाँ पर दाहिने ओर साइडबार में “Additional Information” के नीचे फोटो के लाइसेन्स संबन्धी जानकारी होती है। यदि “All rights reserved” लिखा है तो आप बिना अनुमति फोटो का प्रयोग नहीं कर सकते। लेकिन यदि क्रिएटिव कॉमन का ज़िक्र है तो उस पर क्लिक कर लाईसेन्स की शर्तों को पढ़िए और फिर उन शर्तों का पालन करते हुए आप उस फोटो का प्रयोग उसके मालिक की अनुमति के बिना भी कर सकते हैं क्योंकि ऐसी स्थिति में क्रिएटिव कॉमन लाइसेन्स के अंतर्गत अपने माल को डाल उन्होंने आपको प्रयोग करने की अनुमति दे दी है बशर्ते आप लाइसेन्स का पालन करें। मैंने भी इस ब्लॉग पर अपने पिछले कुछ लेखों में फ्लिकर से लिए हुए कुछ फोटो आदि प्रयोग किए हैं लेकिन वे सब क्रिएटिव कॉमन लाइसेन्स के अंतर्गत हैं और लाइसेन्स का मैंने पूर्ण रूप से अपने लेख में पालन किया है।</p></blockquote>
<p>यह एक महत्वपूर्ण बात है क्योंकि अधिकतर लोग जल्दबाज़ी में अन्यथा अज्ञान के कारण ध्यान नहीं देते और समझते हैं कि गूगल या किसी अन्य सर्च इंजन अथवा फ्लिकर जैसी वेबसाइट पर मौजूद तस्वीर को उठा के प्रयोग कर सकते हैं। जैसा मैंने अनिल जी के प्रश्न का उत्तर दिया, आप फ्लिकर जैसी वेबसाइट अथवा गूगल जैसे सर्च इंजन से फोटो अपने प्रयोग के लिए ले सकते हैं, लेकिन आपको यह देखना पड़ेगा कि आप कौन सी फोटो आदि ले सकते हैं क्योंकि सभी फोटो आदि आप नहीं ले सकते।</p>
<p>इसके बाद <a href="/2007/12/06/are-you-a-thief/#comment-4036">रवि रतलामी जी ने पूछा</a>:</p>
<blockquote><p>मैंने किसी साइट से अर्जुन सिंह या ब्रिटनी का फोटो उठाया (जो कि सेलेब्रिटी हैं, और इनके फोटो सर्वत्र उपलब्ध हैं) तो क्या वो भी चोरी हुई?</p></blockquote>
<p>जिसका उत्तर मैंने कुछ यूँ दिया:</p>
<blockquote><p>रवि जी, बात सर्वत्र उपलब्ध होने की नहीं है। मैं यदि अपने घर के सामने वाले बाग़ में मौजूद एक गुलाब की फोटो लेता हूँ तो वह फोटो मेरा माल है। फूल तो सभी के लिए उपलब्ध है, कोई भी उसकी फोटो ले सकता है, जो फोटो लेगा वह फोटो उसका माल है। लेकिन यहाँ बात पब्लिक फिगर (public figure) की हो रही है। कॉपीराइट तो हर हाल में फोटो खींचने वाले का ही है, प्रश्न है कि क्या आप उसे बिना अनुमति प्रयोग कर सकते हैं कि नहीं। जहाँ तक मेरी जानकारी है, पब्लिक फिगर (public figure) या सेलेब्रिटी (celebrity) आदि का कोई फोटो जो हर जगह उपलब्ध है(जैसे प्रोमोशनल माल) उसका प्रयोग आप कर सकते हैं लेकिन यदि मैंने कोई खास फोटो खींचे हैं(फैशन शो में, या फोटोशूट में आदि) तो आप उनका प्रयोग मेरी अनुमति बिना नहीं कर सकते।</p></blockquote>
<p>उनका अगला प्रश्न था:</p>
<blockquote><p>और, क्या ये भी चोरी हुई कि किसी फोटो को इंटरनेट से उठाकर उसमें फोटो औजार से कुछ अदला-बदली कर इस्तेमाल कर लिया?</p></blockquote>
<p>जिस पर मैंने कहा:</p>
<blockquote><p>जी बिलकुल, यह भी उतना ही संगीन अपराध है जितना कि फोटो या इमेज को उसके मूल रूप में प्रयोग करना। गौरतलब बात है कि अभी मैंने अनिल जी को फ्लिकर पर मौजूद तस्वीरों के बारे में बताते हुए क्रिएटिव कॉमन लाइसेन्स का ज़िक्र किया है वह लाइसेन्स भी हर बार आपको मूल रचना में बदलाव करने की अनुमति नहीं देता। यदि इस लाइसेन्स में no derivatives की शर्त है तो आप मूल रचना में कोई बदलाव नहीं कर सकते।</p></blockquote>
<p>फिर उन्होंने पूछा:</p>
<blockquote><p>ये भी बताएँ, कि लीगली, डैमेजेस के तौर पर ऐसी सामग्री के इस्तेमाल करने वाले को क्या समस्या हो सकती है?</p></blockquote>
<p>जिसके बारे में मैंने बताया:</p>
<blockquote><p>जिसके कॉपीराइट का उल्लंघन आप कर रहे हैं वह चाहे तो आप पर कॉपीराईट उल्लंघन का मुकदमा ठोक सकता है और हर्जाने का दावा कर सकता है(जो कि लाखों या करोड़ों रुपयों में भी हो सकता है)। दोषी पाए जाने पर अदालत द्वारा तय किए गये हर्जाने को आपको भरना पड़ सकता है, न भरने की स्थिति में जेल भी हो सकती है।</p></blockquote>
<p>तत्पश्चात उनका प्रश्न था:</p>
<blockquote><p>क्या वह तब भी चोरी हुई जब उसे साभार सहित कड़ी देते हुए इस्तेमाल किया जा रहा है?</p></blockquote>
<p>जिसके उत्तर में मैंने कहा:</p>
<blockquote><p>हो सकती है, तब भी चोरी हो सकती है। फर्ज़ कीजिए कि मैं आपकी गाड़ी उठा के अपने घर ले आता हूँ और उस पर बोर्ड टाँग देता हूँ कि “साभार: रवि रतलामी” तो आप क्या कहेंगे? ;) किसी का माल बिना उसकी अनुमति जबरन ले आना चोरी ही है, चाहे आप साभार दें अथवा न दें।</p></blockquote>
<p>फिर उन्होंने शंका व्यक्त की:</p>
<blockquote><p>रचनाकार समेत बहुत सी साइटों जिनमें कि गिज्मेडो इत्यादि भी है, चित्रों को साभार पुनः प्रकाशित करते हैं (आमतौर पर अनुमति प्राप्त करने का झंझट नहीं मोल लेते) तो इनमें क्या लीगल कॉम्प्लीकेशन्स हो सकते हैं?</p></blockquote>
<p>जिसके समाधान के तौर पर मैंने कहा:</p>
<blockquote><p>बिलकुल हो सकती हैं यदि आपके पास उक्त माल को प्रयोग करने की अनुमति नहीं है। क्रिएटिव कॉमन आदि जैसे लाइसेन्स एक तरह से लिखित अनुमति ही है जो आपको उस माल का प्रयोग करने की छूट देती है यदि आप उसकी शर्तों का पालन करते हैं। लेकिन यदि किसी ने अपने माल की कोई लिखित अनुमति नहीं दी तो आप उसका प्रयोग नहीं कर सकते। गिज़्मोडो आदि ब्लॉग के बारे में पता नहीं कि वे कैसे प्रयोग करते हैं लेकिन यदि अनुमति नहीं है तो प्रयोग गैरकानूनी है और यदि माल का मालिक चाहे तो मुकदमा ठोक सकता है और बहुदा चान्स है कि मालिक मुकदमा जीत भी जाएगा।</p></blockquote>
<p><a href="/2007/12/06/are-you-a-thief/#comment-4038">सागर जी ने पूछा</a>:</p>
<blockquote><p>क्या अब भी उन चित्रों को जहा से उठाया है उनको श्रेय दे दें?</p></blockquote>
<p>तो इसके उत्तर में मैंने कहा:</p>
<blockquote><p>सागर जी, श्रेय देने से काम नहीं बनेगा ना!! पहले देखिए कि जो जिसका माल आपने उठाया है वह किसी लाइसेन्स के अंतर्गत प्रयोग करने की अनुमति देता है कि नहीं। यदि नहीं तो या तो आप लिखित अनुमति(ईमेल भी लिखित अनुमति होती है) ले सकते हैं और यदि आपका मन नहीं है तो मत लीजिए अनुमति लेकिन ऐसा करने पर आपके ऊपर सदैव एक तलवार टंगी रहेगी कि उक्त माल का मालिक कभी भी आपको अदालत ले जा सकता है!!</p></blockquote>
<p><em>जारी है <a href="/2007/12/21/are-you-a-thief-3/">अगले भाग</a> में .....</em></p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[क्या आप चोर हैं?]]></title>
<link>http://itsme.wordpress.com/2007/12/06/are-you-a-thief/</link>
<pubDate>Thu, 06 Dec 2007 01:37:20 +0000</pubDate>
<dc:creator>Amit</dc:creator>
<guid>http://itsme.wordpress.com/2007/12/06/are-you-a-thief/</guid>
<description><![CDATA[क्या आप - 

किसी भी वेबसाईट या ब्लॉग आदि ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p>क्या आप - </p>
<ul>
<li>किसी भी वेबसाईट या ब्लॉग आदि पर कोई फोटो (photo) या इमेज (image) या अन्य कोई चीज़ पसंद आने पर उसको सेव (save) कर लेते हैं और फिर बाद में उसको किसी वेबसाईट अथवा ब्लॉग आदि पर प्रयोग करते हैं?</li>
<li>गूगल आदि किसी सर्च इंजन में किसी खोज के दौरान आई किसी फोटो या इमेज या अन्य चीज़ को अपने मन-माफ़िक बिना उस चीज़ के मालिक की आज्ञा के प्रयोग करते हैं?</li>
</ul>
<p>यदि इन दोनो प्रश्नों में से किसी भी प्रश्न का उत्तर हाँ में है तो सावधान, यह लगभग तय है कि आप चोरी कर रहे हैं।</p>
<div style="float:right;width:150px;text-align:center;font-weight:bold;border:3px dashed #660000;border-left:none;border-right:none;margin:10px 0 10px 10px;padding:5px 0;">
गूगल आदि सर्च इंजन आपको फोटो और इमेज आदि खोजने की सुविधा देते हैं लेकिन इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि आप उनको प्रयोग भी कर सकते हैं।
</div>
<p><strong>क्या? कैसे? क्यों?</strong><br />
दुनिया भर की कानून की किताबों में <a href="http://simple.wikipedia.org/wiki/Copyright">कॉपीराइट</a> (copyright) नाम की चिड़िया के जीवन का प्रावधान होता है। यह एक ऐसा कानून है जो कि किसी भी बौद्धिक (intellectual), सृजनात्मक (creative), कलात्मक (artistic) विचार अथवा कार्य को उसके रचियता की जागीर बनाता है और रचियता को यह स्वतंत्रता देता है कि वह जैसे चाहे अपने माल का प्रयोग करे और दूसरा कोई उसके माल का प्रयोग उसकी मर्ज़ी के बिना न कर सके। यानि कि यदि मैंने कोई लेख लिखा है तो वह तब तक मेरा कॉपीराइटिड माल है जब तक या तो मैं उस पर अपना कॉपीराइट छोड़ के उसको पब्लिक डोमेन (public domain) का माल नहीं बना देता या उस माल पर अपना कॉपीराइट किसी अन्य को नहीं दे देता। यदि कॉपीराइट मैंने अपने पास ही रखा है तो मैं उस माल को किसी भी शर्त (लाईसेन्स - licence) के अंतर्गत किसी अन्य को प्रयोग करने का अधिकार दे सकता हूँ। दूसरा व्यक्ति जब तक उन शर्तों को मानते हुए मेरे माल का प्रयोग करेगा तब तक ठीक है, यदि वह शर्तों का उल्लंघन करता है तो मैं कानून की सहायता ले उस व्यक्ति पर मुकदमा ठोक सकता हूँ।</p>
<p><strong>यहाँ कैसे लागू?</strong><br />
तो फोटो और इमेज आदि के संदर्भ में भी ऐसा ही कॉपीराइट का प्रावधान है। कॉपीराइट का कानून वास्तविक दुनिया में प्रिंट पर भी लागू होता है और इंटरनेट की इलेक्ट्रॉनिक दुनिया में भी। तो यदि मैंने कोई फोटो ली है तो उसका कॉपीराइट मेरा है और यदि मेरी इजाज़त के बगैर उसका कोई प्रयोग करता है तो वह सीधे शब्दों में चोर है क्योंकि वह मेरा माल जबरन प्रयोग कर रहा है। गूगल आदि सर्च इंजन आपको फोटो और इमेज आदि खोजने की सुविधा देते हैं लेकिन इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि आप उनको प्रयोग भी कर सकते हैं। यह ठीक वैसे ही है जिस प्रकार टेलीफोन डायरेक्टरी या येलो पेज (yellow pages) होते हैं जिनमें आप कोई भी पता फोन नंबर से तलाश कर सकते हैं लेकिन इसका यह अर्थ बिलकुल नहीं होता कि जिस फोन नंबर का पता आपने ढूँढा वह पता आपको पसंद आया तो उस पते पर मौजूद मकान आदि को आप अपने हिसाब से प्रयोग करने के लिए आज़ाद हो गए!! यदि उस पते पर मौजूद इमारत का मालिक आपको उस इमारत को प्रयोग करने की आज्ञा देता है तभी आप उसको इस्तेमाल कर सकते हैं। ठीक इसी तरह आपको यदि कॉपीराइट मालिक अपना माल प्रयोग करने की आज्ञा देता है तभी आप उसकी चीज़ को इस्तेमाल कर सकते हैं।</p>
<p><em>जारी है <a href="/2007/12/10/are-you-a-thief-2/">अगले भाग</a> में .....</em></p>
]]></content:encoded>
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