Blogs about: चाहत

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हमेँ करके तन्हां...!!

parwezthepoet wrote 2 months ago: यूं करके हमेँ तन्हां तुम चल दिए कहाँ। धड़कन ठहर चुकी है अब मेरी जाने-जां।। ईसरार न करुँगा रुकने को मै … more →

टैग: ghazal, गज़ल, तन्हांई, ख़ता, ईसरार, दिवाना, सजा, जन्नत, नक़्श

बोलो न ...15 comments

उपेन्द्र दुबे wrote 12 months ago: कल तुमने कहा था मुझसे बात न करना आज कहती हो गली से न गुजरना कल कहोगी सपनो में मुखबिरी क्यूँ करते हो … more →

टैग: आँखें, कविता (Poetry), तट, अकेलापन, कागज, खत, टुकड़े, तन्हाई, तैरना

तुम्हारा जाना ...2 comments

उपेन्द्र दुबे wrote 1 year ago: वो रात थी ? या तुम्हारे आँखों से छिटका काजल ? सरकती पवन थी? या तुम्हारा लहराता आँचल ? लबों की फड़फड़ य … more →

टैग: आँखें, उलझन, कविता (Poetry), गगन, परिंदे, परी, मन, रात, सपना

चाहत...1 comment

कुमार आदित्‍य wrote 1 year ago: जमाने भर की खुशी तेरे दामन में सजाना चाहूं, ऐ सनम तुझको मैं चाहत से भी ज्‍यादा चाहूं।। मुझे गम है कि … more →

टैग: कविता, गज़ल, दिल, प्‍यार, दामन, खुशी, हमदम, सनम, मोहब्‍बत

कैसी वो थी रात.....13 comments

उपेन्द्र दुबे wrote 1 year ago: कहीं दूर एक पल को, धडकन थमी थी | कहीं रात सूरज की, किरणें जगीं थी | | कहीं दूर चिड़ियों ने, छोड़ा बसेर … more →

टैग: कविता (Poetry), अकेलापन, आँगन, कहानी, घरोंदा, डगर, तन्हाई, रात, सपने

नवल धवल मंगलमय अर्पण .....5 comments

उपेन्द्र दुबे wrote 1 year ago: कल मेरे आँगन में पूरा, चाँद अचानक आया था | तारों के उस बड़े झुण्ड पर, थोड़ा सा इठलाया था | | मैंने कान … more →

टैग: कविता (Poetry), चाँद, नदी, नव वर्ष, रात, सूरज, हिंदी कविता

मैं पन्नों पर इतिहास लिखूंगा ...10 comments

उपेन्द्र दुबे wrote 1 year ago: तुम भावों का उगता सूरज, जन मानस पर छा जाती हो | मैं खंडित मन का कवि मेरी, पंक्ति बन तुम आ जाती हो | … more →

टैग: कविता (Poetry), प्रेम

एकाकी , तुम मेरे साथी...4 comments

उपेन्द्र दुबे wrote 1 year ago: एकाकी , तुम मेरे साथी, बस यूँ ही बन कर रहना | चलूँ छोड़ जब अपनी माटी, हाथ पकड़ कर तुम चलना | | एकाकी , … more →

टैग: कविता (Poetry), अकेलापन, तन्हाई

शायराना अंदाज़-920 comments

induravisinghj wrote 1 year ago: “तन्हाइयों की आदत अब हो गई हमें तुम्हारा पास आना,अब भाता नहीं यूं फैले हमारी चाहतों के फासले, … more →

टैग: शेरो शायरी, तन्हाइयों, आदत

जीवन विश्‍लेषण...7 comments

कुमार आदित्‍य wrote 1 year ago: घरबार छुडा़ देती हैं चाहतें, संबंध टूट जाते हैं सारे, डर को भी मिटा देती हैं चाहतें, मर्यादाओं को तो … more →

टैग: कविता, सुख, सफ़र, जीवन, विश्‍लेषण

गिन रहा हूँ...9 comments

Girijesh Rao wrote 2 years ago: गिन रहा हूँ क्षत चिह्नजो तुमने दिए -मन था जबचरम प्रसन्नऔर थी आस हुलास । तुमनेफुफकार दिए अव … more →

टैग: कविता, नेह, क्षत चिह्न, घाव, मोद

आँखों की लाली थी कह रही थी ..?5 comments

कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा wrote 3 years ago: हुई सुबह तो उनकी आँखों में इक सरूर था , आँखों की लाली थी कह रही थी ,कुछ हुआ जरूर था । उलझी हुई लटों … more →

टैग: दिल की . ., अहसास

जिसकी चाहत मेरा ख़्वाब है12 comments

Palak Mathur wrote 3 years ago: कुछ अरमान इस दिल के, तन्हा जीवन से तन्हाई मिटाने के ख़्वाब, कुछ चाहत उसे पाने की, थोड़ी आरज़ू उसमे ख … more →

टैग: आत्मीयता, हिन्दी, Armaan, Aarzoo, chahat, Darr, DAR, अरमान, आरज़ू

जिसकी चाहत मेरा ख़्वाब है12 comments

Palak Mathur wrote 3 years ago: कुछ अरमान इस दिल के, तन्हा जीवन से तन्हाई मिटाने के ख़्वाब, कुछ चाहत उसे पाने की, थोड़ी आरज़ू उसमे ख … more →

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चाहत

Palak Mathur wrote 4 years ago: मजबूरी और बेबसी का जो है आलम, निजात उससे पाने की चाहत है, इंसानों को अब इंसानियत की है ज़रुरत, बस उन … more →

टैग: हिन्दी, कविता

गोरी, आज यह सिंगार किसके लिए है7 comments

Vinay Prajapati wrote 4 years ago: गोरी, आज यह सिंगार किसके लिए है गुलाबी अंगों में निखार किसके लिए है क्या सजन जी से मिलने का कोई वादा … more →

टैग: मेरा गीत, Love, पूनम, दीवाना, पिया, Crazy, Wish, संग, अंग

गोरी, आज यह सिंगार किसके लिए है7 comments

Vinay Prajapati wrote 4 years ago: गोरी, आज यह सिंगार किसके लिए है गुलाबी अंगों में निखार किसके लिए है क्या सजन जी से मिलने का कोई वादा … more →

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मैं तुम्हें चाहता हूँ8 comments

Vinay Prajapati wrote 4 years ago: मैं तुम्हें चाहता हूँ यह इक़रार कर पाना बहुत मुश्किल है आकर तुम्हीं मुझसे इज़हारे-इश्क़ का कोई वादा ले … more →

टैग: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, इंतिज़ार, इज़हार, इक़रार

मैं तुम्हें चाहता हूँ8 comments

Vinay Prajapati wrote 4 years ago: मैं तुम्हें चाहता हूँ यह इक़रार कर पाना बहुत मुश्किल है आकर तुम्हीं मुझसे इज़हारे-इश्क़ का कोई वादा ले … more →

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