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	<title>जवाँ &amp;laquo; WordPress.com Tag Feed</title>
	<link>http://wordpress.com/tag/जवाँ/</link>
	<description>Feed of posts on WordPress.com tagged "जवाँ"</description>
	<pubDate>Sat, 30 Aug 2008 14:03:09 +0000</pubDate>

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	<language>en</language>

<item>
<title><![CDATA[किसी राह तुमसे मुलाक़ात होगी]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=917</link>
<pubDate>Fri, 14 Mar 2008 14:46:54 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
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<description><![CDATA[किसी राह तुमसे मुलाक़ात होगी
फिर हल्की-]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">किसी राह तुमसे मुलाक़ात होगी<br />
फिर हल्की-हल्की बरसात होगी<br />
तुम मुझसे इक़रारे-प्यार करना<br />
ज़िन्दगी की नयी शुरुआत होगी</font></p>
<p><font color="#000000">तेरे पहलू में बैठेंगे दो बातें होंगी<br />
फिर ख़त्म दर्द की रातें होंगी<br />
ग़म भूल जायेंगे प्यार जवाँ होगा<br />
वस्ल की हर शब पहली रात होगी</font></p>
<p><font color="#000000">किसी राह तुमसे मुलाक़ात होगी<br />
फिर हल्की-हल्की बरसात होगी</font></p>
<p><font color="#000000">प्यार की दुनिया सजायेंगे प्यार से<br />
निखर जायेगा घर तेरे सिंगार से<br />
चाँदनी ओढ़ के बैठेंगे सर्द रातों में साथ<br />
कुछ तेरी कुछ मेरी बात होगी</font></p>
<p><font color="#000000">तुम मुझसे इक़रारे-प्यार करना<br />
ज़िन्दगी की नयी शुरुआत होगी</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: २००२</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[मेरे दिल की पगडंडियों से गुज़र जा]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=857</link>
<pubDate>Wed, 27 Feb 2008 18:18:55 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=857</guid>
<description><![CDATA[मेरे दिल की पगडंडियों से गुज़र जा एक दफ़]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">मेरे दिल की पगडंडियों से गुज़र जा एक दफ़ा फिर<br />
मेरे जिस्मो-जाँ को जीवन दे जा ओ बेवफ़ा फिर</font></p>
<p><font color="#000000">इन राहों पर हल्के गुलाबी फूल खिलने लगे हैं<br />
बेज़ुबाँ दिल में मोहब्बत के अरमान जगने लगे हैं<br />
आ निगाहों में आ जा, कर दे धड़कनें रवाँ फिर<br />
मेरे दिल की पगडंडियों से गुज़र जा एक दफ़ा फिर</font></p>
<p><font color="#000000">उदासियाँ, तन्हाइयाँ, मुझसे शिकवे करने लगी हैं<br />
आँखों में, रोज़ ख़ाबों में, तेरी तस्वीरें बनने लगी हैं<br />
आ मेरे सनम कर दे धुँधली-धुँधली यादें जवाँ फिर<br />
मेरे दिल की पगडंडियों से गुज़र जा एक दफ़ा फिर</font></p>
<p><font color="#000000">यह प्यार मुझको दुनिया से गुमराह करने लगा है<br />
तेरा दीवाना हर चेहरे में तेरा चेहरा पढ़ने लगा है<br />
बता तू, मुझसे मिलेगी, कैसे, कब और कहाँ फिर<br />
मेरे दिल की पगडंडियों से गुज़र जा एक दफ़ा फिर</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: ०४ मई २००३</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[तेरी अदाओं पर मैं फ़िदा]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=787</link>
<pubDate>Sat, 16 Feb 2008 05:48:36 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=787</guid>
<description><![CDATA[साहिबा, साहिबा, साहिबा
तेरी अदाओं पर म]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">साहिबा, साहिबा, साहिबा<br />
तेरी अदाओं पर मैं फ़िदा<br />
साहिबा, साहिबा, साहिबा</font></p>
<p><font color="#000000">तू मेरे प्यार की सुबह<br />
तुझको ढूँढ़ती मेरी निगाह<br />
क़ातिलाना तेरी हर अदा<br />
मार न डाले कहीं दिलरुबा</font></p>
<p><font color="#000000">साहिबा, साहिबा, साहिबा<br />
साहिबा, साहिबा, साहिबा</font></p>
<p><font color="#000000">जवानी के जोश में जवाँ<br />
हो न जाये कोई ख़ता<br />
वाक़िफ़ नहीं तू मेरे इश्क़ से<br />
हमनज़र बचके जायेगी कहाँ</font></p>
<p><font color="#000000">साहिबा, साहिबा, साहिबा<br />
साहिबा, साहिबा, साहिबा</font></p>
<p><font color="#000000">तू जान है मेरे जिस्म की<br />
कैसे रहेगी मुझसे जुदा<br />
देख हाल मेरा बेहाल है<br />
दूर कैसे तू मेरी जाने-वफ़ा</font></p>
<p><font color="#000000">साहिबा, साहिबा, साहिबा<br />
साहिबा, साहिबा, साहिबा</font></p>
<p><font color="#000000">उड़ती-उड़ती तू चली कहाँ<br />
तू पतंग है मेरी मैं हवा<br />
तू किस सोच में डूबी है<br />
सुन तो बात मेरी ज़रा</font></p>
<p><font color="#000000">साहिबा, साहिबा, साहिबा<br />
साहिबा, साहिबा, साहिबा</font></p>
<p><font color="#000000">हसीना तुझको देखकर<br />
हवाओं में कैसा शोर मचा<br />
रुबा से दिलरुबा बनाया<br />
देख तू न होना कभी ख़फ़ा</font></p>
<p><font color="#000000">साहिबा, साहिबा, साहिबा<br />
साहिबा, साहिबा, साहिबा</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: १९९८-१९९९</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[धीरे-धीरे प्यार होता है]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=735</link>
<pubDate>Sat, 09 Feb 2008 11:23:40 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=735</guid>
<description><![CDATA[धीरे-धीरे प्यार होता है
होते-होते इक़रा]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">धीरे-धीरे प्यार होता है<br />
होते-होते इक़रार होता है<br />
जब हम भी हैं यहाँ तो<br />
जब वह भी हैं यहाँ तो<br />
जब हम भी हैं जवाँ तो<br />
जब वह भी हैं जवाँ तो<br />
भला प्यार कैसे न होगा,<br />
इक़रार कैसे न होगा...</font></p>
<p><font color="#000000">इस उमर में हर कोई<br />
इसका जानकार होता है<br />
धीरे-धीरे प्यार होता है<br />
होते-होते इक़रार होता है</font></p>
<p><font color="#000000">आमना-सामना यार होता है<br />
निगाहें गुणा चार होता है<br />
कभी तो वह हमसे कहेंगे<br />
कभी वह बातें हमसे करेंगे</font></p>
<p><font color="#000000">कभी बातों ही बातों में<br />
हमारी जान पहचान होगी<br />
कभी तो वह हसीना<br />
हम पर मेहरबान होगी</font></p>
<p><font color="#000000">इस उमर में हर कोई<br />
इसका शिकार होता है<br />
धीरे-धीरे प्यार होता है<br />
होते-होते इक़रार होता है</font></p>
<p><font color="#000000">वह बहुत हसीं है<br />
हम क्या सभी कहते हैं<br />
हम भी कम नहीं<br />
यह भी वह जानते हैं</font></p>
<p><font color="#000000">जब ऐसा हैं यारों<br />
वह दूर कैसे रहेंगे<br />
हमसे दिल की बात<br />
कभी तो वह कहेंगे</font></p>
<p><font color="#000000">इस उमर में हर किसी का<br />
अपना दिलदार होता है<br />
धीरे-धीरे प्यार होता है<br />
होते-होते इक़रार होता है</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: १९९८-१९९९</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[कब मेरे दिल से तेरी याद निकलती है]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/2007/12/25/%e0%a4%95%e0%a4%ac-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95/</link>
<pubDate>Tue, 25 Dec 2007 13:47:36 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
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<description><![CDATA[&#8220;जो नाला होंठों तक न आया वह दिल का दाग़]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">"जो नाला होंठों तक न आया वह दिल का दाग़ बन गया<br />
हम तो अपनी ख़ैर में भी ख़ुदा-ख़ुदा करते रहे"</font></p>
<p><font color="#000000">कब मेरे दिल से तेरी याद निकलती है<br />
जिस तरफ़ देखिए आबाद निकलती है</font></p>
<p><font color="#000000">तुम रहो जवाँ तुम्हारा हुस्न रहे जवाँ<br />
हर दम पे यही फ़रियाद निकलती है</font></p>
<p><font color="#000000">बेचैन हैं बरसों से दिल की धड़कनें सब<br />
सीने से अटक-अटक जान निकलती है</font></p>
<p><font color="#000000">आँखों में नमी थी सो काई बन गयी रोते-रोते<br />
रही जो आबला-पा से मवाद निकलती है</font></p>
<p><font color="#000000">तुम्हारी हसरत ही में न मर जाऊँ कहीं<br />
ज़बाँ से अब यही एक बात निकलती है</font></p>
<p><font color="#000000">मेल न हो अपना यूँ भी हमारी क़िस्मत है<br />
कि जान अब तो होके बेताब निकलती है</font></p>
<p><font color="#000000">'नज़र'ओ-'विनय' दो नाम एक ही दीवाने के<br />
ग़ज़ल किसी की हो तेरे नाम निकलती है</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: २००३</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[और बहुत कुछ...]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/2007/09/15/%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%9b/</link>
<pubDate>Sat, 15 Sep 2007 13:07:43 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/2007/09/15/%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%9b/</guid>
<description><![CDATA[तुमसे चाहत है
तुमसे मोहब्बत है
तुमसे इ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">तुमसे चाहत है<br />
तुमसे मोहब्बत है<br />
तुमसे इश्क़ है मुझे...</font></p>
<p><font color="#000000">तुमको देखा तो जाना<br />
प्यार क्या है ज़िन्दगी क्या है</font></p>
<p><font color="#000000">तुमसे सुबह है<br />
तुमसे फ़ज़िर है<br />
तुमसे खिलती है सहर...</font></p>
<p><font color="#000000">तुमको देखा तो जाना<br />
तमन्ना क्या है खा़हिश क्या है</font></p>
<p><font color="#000000">तुमसे खु़शी है<br />
तुमसे शाद है<br />
फ़रहत जवाँ है तुमसे...</font></p>
<p><font color="#000000">तुमको देखा तो जाना<br />
इल्म क्या है जन्म क्या है</font></p>
<p><font color="#000000">और बहुत कुछ...</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: जून/२००३</p>
]]></content:encoded>
</item>

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