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	<title>टेक्नोलॉजी &amp;laquo; WordPress.com Tag Feed</title>
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	<description>Feed of posts on WordPress.com tagged "टेक्नोलॉजी"</description>
	<pubDate>Fri, 18 Jul 2008 21:29:41 +0000</pubDate>

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<title><![CDATA[मूंह मीठा करें]]></title>
<link>http://shuaibi.wordpress.com/2006/11/10/%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a0%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82/</link>
<pubDate>Fri, 10 Nov 2006 11:00:48 +0000</pubDate>
<dc:creator>shuaib</dc:creator>
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<description><![CDATA[नीचे तसवीर पर किल्क करना लड्डू खाने जै]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p align="center"><strong>नीचे तसवीर पर किल्क करना लड्डू खाने जैसा है :)</strong></p>
<p align="left">और हां ....... लड्डू खाने के बाद चिट्ठाचर्चा चलें वहां आज <a target="_blank" href="http://chitthacharcha.blogspot.com/2006/11/blog-post_10.html" title="ChitthaCharcha">मज़ेदार चर्चा</a> चल रही है, बहुत दिनों की खामोशी के बाद सबको एक साथ एक जगह बोलते हुए अच्छा लग रहा है ........ लड्डू बाद मे खाना  - <a target="_blank" href="http://chitthacharcha.blogspot.com/2006/11/blog-post_10.html" title="Chittha Charcha">आइये आइये चलते हैं चिट्ठाचर्चा</a></p>
<p align="center"><a href="http://www.shuaib.in/chittha/"><img border="0" width="354" src="http://www.giftmela.com/images/827_thumb.jpg" alt="http://shuaib.in" height="338" style="width:354px;height:338px;" /></a></p>
<p align="center"><a href="http://www.shuaib.in/chittha/"></a><a href="http://www.shuaib.in/chittha/">This blog has been moved on a new location</a></p>
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<title><![CDATA[अलविदा]]></title>
<link>http://shuaibi.wordpress.com/2006/09/01/%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%ae-cd-%e0%a4%94%e0%a4%b0-floppy/</link>
<pubDate>Fri, 01 Sep 2006 10:43:07 +0000</pubDate>
<dc:creator>shuaib</dc:creator>
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<description><![CDATA[आज से दस वर्ष पहले जहां मैं नौकरी कर रह]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p>आज से दस वर्ष पहले जहां मैं नौकरी कर रहा था, PageMaker सॉफ्टवेयर को कॉपी करने के लिए तकरीबन बीस बार फ्लॉपी मे कॉपी करना पडा - तब जाकर पूरा एक सॉफ्टवेयर कॉपी करने मे काम्याबी हुई ;(</p>
<p><img align="right" src="http://www.armada-pc.ru/Catalog/Flash/image/BB18-128_usbDrive.jpg" />उस वकत खयाल आया काश अपने पास कुछ ऐसी चीज़ हो के एक ही बार मे पूरा सॉफ्टवेयर कॉपी होजाए :) तभी बाज़ार मे CD आगई और अपनी मुराद पूरी हुई। अब अपने पास क्म्प्यूटर फाईलों का खज़ाना ऐसा है के CD बनाते इतनी CD's होगई संभालना मुश्किल हो गया। फिर दिल मे खयाल आया काश कुछ ऐसी छोटी डिब्बिया मिल जाए जिसमे अपना तमाम कम्प्यूटर खज़ाना समा जाए। आआह :) ये दिन भी आगया, बहुत खुशी हुई के USB ड्राइव आगई जिससे अपना सीडी खज़ाना को उठा कर कोने मे रख दिया। सबसे पहले Dhs. 160 (1,920 रूपये) मे 128MB वाला USB ड्राइव खरीदा जो मेरे कुछ काम का नहीं क्योंकि अपनी PSD और CDR फॉर्मेट वाली एक ग्राफिक फाइल का साइज़ ही 50MB के ऊपर होता है। पिछले वर्ष फिर मैने Dhs. 290 (3,480 रूपये) मे 1GB वाला USB ड्राइव खरीदा (जो इस वकत खराब है और सर्विस को भेज दिया) ये 1GB का युएसबी भी पूरी तरह फुल है अब मुझे 5GB वाला ड्राइव खरीदना पडेगा जिसके सिवा दूसरा कोई चारा नही ;(</p>
<p><img align="right" width="125" src="http://www.coolera.com/Merchant2/graphics/00000001/PQIMC001.jpg"/>अब तो मोबाईल के लिए भी एक से दो जीबी के MMC कार्ड बाज़ार मे आगए। वाह क्या ज़माना है - वोह KB की फाईलों को फ्लॉपी मे कॉपी करना और आज GB को USB मे ठूंसना :)<br />
<b>सीडी और फ्लापी को अलविदा</b></p>
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<title><![CDATA[टॉप ब्लॉगर]]></title>
<link>http://shuaibi.wordpress.com/2006/07/27/%e0%a4%9f%e0%a5%89%e0%a4%aa-%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%97%e0%a4%b0/</link>
<pubDate>Thu, 27 Jul 2006 14:48:19 +0000</pubDate>
<dc:creator>shuaib</dc:creator>
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<description><![CDATA[ब्लॉगिंग एक ऐसा नशा जैसे चंद लोगों को ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p>ब्लॉगिंग एक ऐसा नशा जैसे चंद लोगों को खाने के फोरन बाद सिगरेट पीना होता है और ब्लॉगर का नशा ऐसा कि अभी अपना लेख पोस्ट किया तो जल्दी से पन्ने को रि-फ्रेश कर के भी देख लिया कि शायद कोई टिप्पणी आगई हो :<font face="Times New Roman">p </font>चंद ब्लॉगर हमारी तरह भी होते हैं जो साइबर केफे जा कर पोस्ट करते हैं<font face="Times New Roman">, </font>आज पोस्ट किया तो अपने ब्लॉग का मुंह देखने के लिए दूसरे दिन का इनतेज़ार करना पडता है कि कब दफतर से छुटटी हो और साइबर केफे की तरफ डोड लगाएं <font face="Times New Roman">;) </font><font face="Times New Roman"> </font></p>
<p class="MsoNormal">मानो आज हम भी टॉप के ब्लॉगर बन गए :) अरे भाई पिछले तीन वर्षों से ब्लॉगिंग कर रहे हैं तो टॉप ब्लॉगर ही कहलाएंगे ना :<font face="Times New Roman">p </font>ये बात अलग है कि ब्लॉगिंग की ए बी सी डी नही मालूम मगर कुछ ना कुछ लिख कर पोस्ट तो करते हैं। तीन वर्ष पहले जब हमें ब्लॉग किया चीज़ पता ही नही था<font face="Times New Roman">, </font>तब हम साइबर केफे मे बैठ कर नेट की रंगीन दुनिया मे खोजाते थे और जब साइबर केफे वाला आकर कहता "और बैठना है आपको<font face="Times New Roman">?" </font>तब हम अपनी घडी देख कर कुर्सी से उछल पडते कि "अरे बापरे - पिछले चार घंटे से हम इन्टरनेट मे ऐसे खो<font face="Times New Roman"> </font>गए कि वकत का पता ही नही और आए थे सिर्फ इ-मेल चेक करने और लिंक से लिंक मिलाते कहीं और निकल जाते। आआह ---- वोह दिन और आज का दिन बहुत फरक है क्योंकि पहले हम नेट पर बेकार ही अनजानों से चैट करते थे या फिर रंगीन वैब साईट्स की रंगीनियों मे खोजाते थे। दोसतों की इ-मेल का जवाब लिखने के लिए फुरसत नही थी और अब लम्बी लम्बी पोस्ट लिखने मे चैम्पिन बन गए। अभी वाशिंग मशीन मे कपडे पडे हैं जिसे दुबारा घुमाने के लिए 8वीं फलोर (अपने फ्लैट) जाना था मगर हम तो अपनी बिलडिंग के करीब से गुज़रते हुए सीधा साइबर केफे पहुंच गए (ब्लॉगिंग का नशा) - दफतर मे हमारा बॉस इधर उधर निकल जाता है तब हम इन्टरनेट खोल लेते हैं मगर यहां हमारा नशा और भी बढ जाता है क्योंकि ब्लॉगर तो किया हम किसी का भी ब्लॉग खोल नही सकते तो हमारा ब्लॉग कैसे देखे<font face="Times New Roman">? </font>सिर्फ शाम के 7 बजने का इनतेज़ार रहता है और दफतर से सीधा साइबर केफे :<font face="Times New Roman">D </font>अच्छा किया जो इन्टरनेट पर ब्लॉगिंग का सिलसिला चालू हुवा वरना हम अभी तक इन्टरनेट की दूसरी रंगीनियों मे खोए रहते :<font face="Times New Roman">P :D :) </font></p>
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<title><![CDATA[अब हम भी वर्डप्रेस पर]]></title>
<link>http://shuaibi.wordpress.com/2006/07/26/%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%b9%e0%a4%ae-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a1%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0/</link>
<pubDate>Wed, 26 Jul 2006 12:43:49 +0000</pubDate>
<dc:creator>shuaib</dc:creator>
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<description><![CDATA[हम टकनीकल इनसान तो नही और ना ही प्रोग्]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p>हम टकनीकल इनसान तो नही और ना ही प्रोग्रामिंग की ए बी सी डी मालूम है इसके बावजूद दिल पे हाथ रख कर <font face="Times New Roman">wordpress </font>मे अपना ब्लॉगर वाला ब्लॉग इम्पोर्ट करने मे शायद कामयाब रहे (<font face="Times New Roman">'</font>शायद<font face="Times New Roman">' </font>इसलिए कि हमें खुद नही मालूम कहां<font face="Times New Roman"> </font>तक कामयाब रहे<font face="Times New Roman">?) </font>अब जनाब ब्लॉगस्पाट साहब इतने मसरूफ रहते हैं कि कई बार हमें बगैर लॉग-आफ किए भगा दिया जबकि हम पिछले तीन वर्षों से इस पर मौज मसती करते रहे और मनमानी भी आखिरकार ब्लॉगर ने हमें खैरबाद कहने पे मजबूर कर<font face="Times New Roman"> </font>दिया। <font face="Times New Roman"> </font></p>
<p>हम वर्डप्रेस पर अजनबी हैं<font face="Times New Roman">, </font>सब कुछ नया नया - पूरे दो घनटों तक हमारी हैरानी परेशानी देखने लाइक थी क्योंकि पहले ही लिख दिया था कि हम कोई टकनीकलर नही बस यूं ही हाथ पैर मारते मारते किनारे तक पहुंचने की कोशिश करते हैं या फिर डूबने को तरजीह देते हैं। बस जितना समझ आया कर दिया दांतों से तक पसीने छूट गए। अब बाकी भाई दोसतों के मशवरे या उनकी मदद से आगे बढ सकते हैं वरना वहीं के वही :( <font face="Times New Roman">;)  :D</font></p>
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<title><![CDATA[इन्टरनेट का सही इस्तेमाल]]></title>
<link>http://shuaibi.wordpress.com/2006/07/25/%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b2/</link>
<pubDate>Tue, 25 Jul 2006 08:14:00 +0000</pubDate>
<dc:creator>shuaib</dc:creator>
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<description><![CDATA[इमिरेट्स मे सेक्स और गन्दी वेब साईट्स ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p>इमिरेट्स मे सेक्स और गन्दी वेब साईट्स को यहां की सरकार ने ब्लॉक कर रखा है ताकि लोग इन्टरनेट का सही इस्तेमाल करें और यहां इन्टरनेट का गलत इस्तेमाल जुर्म है और सज़ा भी। अगर कोई इ-मेल से भी गन्दी तसवीर भेजे या वसूल करे तो फोरन पकडा जाता है। वोह इस लिए कि यहां सेक्स खुले आम दिखता और बिकता है, नेट पर सर खपाने की ज़रूरत ही नही।</p>
<p>देखा आपने? यहां UAE मे इन्टरनेट का बिलकुल सही इस्तेमाल हो रहा है।</p>
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