सुनिए साहिल की आवाज़ में कुछ परिस्थितियाँ इन्सान को बहुत कमजोर बना देती हैं. कई लोग तो ना केवल भीतर से कमजोर हो जाते हैं, अपितु उनका बाहरी स्वरूप भी उनकी कमज़ोरी को दिखाने लगता है. पर कई लोग ऐसे होते… more →
दिल और दर्द के नाम...wrote 1 year ago: मेरी उदासी का शबब दिल बन गया ऐसे, अकेलेपन के सिवा कुछ भी दिखाई ही न दे। तू इस तरह बसा गया है मेरी सा … more →
wrote 4 years ago: सुनिए साहिल की आवाज़ में कुछ परिस्थितियाँ इन्सान को बहुत कमजोर बना देती हैं. कई लोग तो ना केवल भीतर … more →
wrote 4 years ago: जो मुझको जानते हैं ज़रा कम जानते हैं जो नहीं जानते हैं ज़रा ज़्यादा जानते हैं जो ढीठ बनके बैठा हुआ है म … more →
wrote 4 years ago: जो मुझको जानते हैं ज़रा कम जानते हैं जो नहीं जानते हैं ज़रा ज़्यादा जानते हैं जो ढीठ बनके बैठा हुआ है म … more →
wrote 5 years ago: वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी जिसका इंतिज़ार करता हूँ यारा जिसके लिए फिरता हूँ मारा-मारा वह कब आयेगी जो … more →
wrote 5 years ago: वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी जिसका इंतिज़ार करता हूँ यारा जिसके लिए फिरता हूँ मारा-मारा वह कब आयेगी जो … more →
wrote 5 years ago: मैं मर जाऊँ तो अपनी हद से गुज़र जाऊँ तो क्या तुम जी सकोगी, बोलो…! सीने जो एक दिल है इसमें तेरा … more →
wrote 5 years ago: मैं मर जाऊँ तो अपनी हद से गुज़र जाऊँ तो क्या तुम जी सकोगी, बोलो…! सीने जो एक दिल है इसमें तेरा … more →
wrote 5 years ago: शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर जैसे वह मुझको मिले और मिले भी ना चाँद खिड़की पर बैठकर मुझे देखता ह … more →
wrote 5 years ago: शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर जैसे वह मुझको मिले और मिले भी ना चाँद खिड़की पर बैठकर मुझे देखता ह … more →
wrote 5 years ago: दिल की लगी दिल को दिल से लगी जब लगी यह आग फिर न बुझी यह दिल की लगी है दिल से लगी है जब यह लगी है फिर … more →
wrote 5 years ago: दिल की लगी दिल को दिल से लगी जब लगी यह आग फिर न बुझी यह दिल की लगी है दिल से लगी है जब यह लगी है फिर … more →