यदावगच्छेदायत्वयामाधिक्यं ध्रृवमात्मनः।तदा त्वेचाल्पिकां पीर्डा तदा सन्धि समाश्चयेत्।।हिन्दी में भावार्थ-भविष्य में अच्छी संभावना हो तो वर्तमान में विरोधियों और शत्रुओं से भी संधि कर लेना चाहिए। क्षीण… more →
दीपक भारतदीप की हिंदी पत्रिकाwrote 1 month ago: वह सामान्यत: अपने सब्जी के खेत में काम करता दीखता है गंगाजी के किनारे। मेहनती है। उसी को सबसे पहले क … more →
wrote 1 month ago: आज तक जिसने भी इतिहास मेँ समाज सुधार का संकल्प लिया है, वे सिर्फ कुछ समाज तक ही अपना प्रभाव फैला सके … more →
wrote 1 month ago: धर्म एवं अभिजन संस्कृति—5 मनुष्य धार्मिक पशु है. वह एकमात्र धार्मिक पशु है. वह एकमात्र पशु है जिसके … more →
wrote 1 month ago: कोटेश्वर महादेव पर फूल-माला-पूजा सामग्री देने वाली महिला। मालिन बैठती है कोटेश्वर महादेव मन्दिर के प … more →
wrote 1 month ago: ज्ञानार्जन -स्वामी विवेकानंद ज्ञान के आदि स्रोत के संबंध में विविध सिद्धांत प्रतिपादित किये गये हैं। … more →
wrote 2 months ago: तैत्तिरीय उपनिषद् 11 प्रमुख उपनिषदों (ईश, ऐतरेय, कठ, केन, छान्दोग्य, तैत्तिरीय, बृहदारण्यक, माण्डूक् … more →
wrote 2 months ago: अभी अभी रेल मन्त्री महोदय ने नई ट्रेनें एनाउन्स की हैं। एक्स्प्रेस टेनें, पैसेंजर ट्रेनें, मेमू/डेमू … more →
wrote 3 months ago: मुंबई – महाराष्ट्र – भारत फरवरी 08 , 2013 रात्रि 11.00 श्री रामचं … more →
wrote 3 months ago: हितोपदेश की एक सुभाषित है : अयं निज परोवेति गणना लघुचैतसाम्। उदार चरितानाम तु वसुधैव कुटुम्बकम् यानी … more →
wrote 4 months ago: देश के गृह मंत्री ने आतंकवादियों के एक समूह को भगवा कहकर संबोधित किया है। इससे पहले एक गृहमंत्री ने … more →
wrote 4 months ago: मुंबई – महाराष्ट्र – भारत जनवरी 13 , 2013 रात्रि 11.05 हरि … more →
wrote 4 months ago: नेशनल पी.जी. कॉलेज, लखनऊ के वार्षिकोत्सव ‘ओज-२०१२-१३’ के अंतर्गत आयोजित ‘काव्य लेख … more →
wrote 4 months ago: परलोक सम्बन्धी कार्य में कौन मनुष्य प्रतीक्षा करना चाहता है? बलवान यमराज से हमारी कोई मित्रता तो है … more →
wrote 4 months ago: परलोक सम्बन्धी कार्य में कौन मनुष्य प्रतीक्षा करना चाहता है? बलवान यमराज से हमारी कोई मित्रता तो है … more →
wrote 5 months ago: मुंबई – महाराष्ट्र – भारत दिसंबर 21 , 2012 अपराह्न 01.00 ::::शुक्र … more →
wrote 5 months ago: युग दर्पण हिंदी राष्ट्रीय समाचारपत्र (के कम्पू जी प्र.- 2009 में नारा था आम आदमी, अब तक आम का चूस चू … more →
wrote 5 months ago: यह विडम्बना थी कि ऐक महान सभ्यता के उत्तराधिकारी होने के बावजूद भी हम ऐक हज़ार वर्षों से भी अधिक मुठ … more →
wrote 5 months ago: मित्रों, अब तक आप सभी सुनते और पढते आए हैं कि गणेश जी का जन्म स्वामी कार्तिकेय के जन्म के बाद माता प … more →
wrote 5 months ago: धर्म : प्रासंगिकता का सवाल धर्म शानदार प्रलोभन है, जो जनसाधारण का मुंह बंद रखने के काम आता है. यह व … more →