ऊषा अग्रवाल ‘पारस’ 1 तोड़ के धागा कठपुतली भागी विद्रोह जागा । 2 डोर थी टूटी कठपुतली हँसी जान थी छूटी । 3 साथ किसी का कभी है मज़बूरी कभी ज़रूरी । 4 भरी उड़ान दिए जो उसे पंख, लौटा ही नहीं ! 5 मै जादूग… more →
हिन्दी हाइकु(HINDI HAIKU)-'हाइकु कविताओं की वेब पत्रिका'-2010 से प्रकाशित हो रही है। आपकी हाइकु कविताओं का स्वागत है !wrote 3 months ago: ऊषा अग्रवाल ‘पारस’ 1 तोड़ के धागा कठपुतली भागी विद्रोह जागा । 2 डोर थी टूटी कठपुतली हँसी जान थी छूटी … more →
wrote 11 months ago: डॉoसागर खादीवाला , नागपुर. 1 सन्नाटा छाया जंगल में शायद आदमी आया । 2 हल्दी जो चढ़ी एकाएक हो गई छुटक … more →
wrote 1 year ago: 1 जुड़ता मन संग भावनाओं से, टूट भी जाता । 2 मुरझाएँगें फिर भी खिलते हैं, फूल औ’ दिल । 3 मन पखेरु … more →
wrote 4 years ago: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह मुसलमानों का वोट हासिल करन … more →