Blogs about: फुटकर कलाम
यह कारवाँ किस जगह आ रुका है
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विनय प्रजापति wrote 5 months ago: यह कारवाँ किस जगह आ रुका है ज़िन्दगी को … more »
रोशनी से दीवारों के साये
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विनय प्रजापति wrote 5 months ago: रोशनी से दीवारों के साये मिटायेंगे ढू … more »
ग़म देना उनकी फ़ितरत
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: ग़म देना उनकी फ़ितरत में शामिल होगा मेरी … more »
मैं मंज़िल से दूर सही
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: मैं मंज़िल से दूर सही ख़ाबों का एक घरौं … more »
काश वह कोई गुल होती
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: काश वह कोई गुल होती मैं उसे अपने लबों स … more »
पलाश का फूल हूँ
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विनय प्रजापति wrote 5 months ago: पलाश का फूल हूँ ज़िन्दगी है ख़ुशबू से ज … more »
कभी हम मौसम थे
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: कभी हम मौसम थे कभी ख़ुद मौसम था सावन की … more »
तन्हाई में गोता लगाना
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: तन्हाई में गोता लगाना मेरा एक शौक़ है ज़ … more »
रहूँ मैं कैसे जुदा
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: रहूँ मैं कैसे जुदा मैं जुदा रह नहीं सक … more »
ऐनक उतार के
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: ऐनक उतार के ख़ुद को आइने में कभी देखा ह … more »
खिले इस तरह तेरे रंग और रूप
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: खिले इस तरह तेरे रंग और रूप जैसे सर्दि … more »
पैमाने दर्द के रोज़ छलका करते हैं
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: नहीं कोई दोस्त मेरा न सही रक़ीबों से मि … more »
जिसके लम्स ने तख़लीक़ किया
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: लोग कहते हैं इश्क़ ने किया है मुझको गुम … more »
चंद अशआर और...
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: मुझे तुमसे मिलके मुकम्मिल होने का वक़् … more »
