विनय प्रजापति wrote 6 months ago: हाल दिल का बताना तुमसे बहुत ही मुश्किल … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: तुझे देखा तू ही मेरी हमनशीं तुझे चाहा … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: जब साँसों में समायी नयी सुगन्ध जब मिले … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: दिल के ख़ाब दिल में ही सुलगते हैं हक़ीक़ … more →
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: रोज़े - शामे - दीवाली कोई नूरे - चराग़ न … more →
विनय प्रजापति wrote 9 months ago: तुमको ज़िन्दगी की हर ख़ुशी मिले तेरे लब … more →