बिहा गीत बस्तर में अनेक जनजातियाँ निवास करती हैं। इनमें गोंड (मुरिया, माड़िया, अबुझमाड़िया, दण्डामी माड़िया), दोरला, भतरा, हल्बा, धुरवा और परजा प्रमुख हैं। सभी जनजातियों की संस्कृति में अन्तर के बावजू… more →
छत्तीसगढ़ी गीत संगी ... Chhattisgarhi Geet Sangiwrote 3 months ago: बिहा गीत बस्तर में अनेक जनजातियाँ निवास करती हैं। इनमें गोंड (मुरिया, माड़िया, अबुझमाड़िया, दण्डामी … more →
wrote 11 months ago: बिदा हंसी-खुसी ले भरे बिहाव म बिदा के बेरा ह पिरा ले भरे होथे। ये बेरा वधू पक्ष ह कन्या ल वर पक्ष ल … more →
wrote 11 months ago: भांवर भांवर माने परिक्रमा। फेर भांवर ह सिरिफ परिक्रमा भर नई होय। हर भांवर के संग वधू ल अपन बचपन के अ … more →
wrote 11 months ago: टिकावन बिहाव म वर-वधु ल जे समान भेंट म दे जाथे वोला टिकावन कहे जाथे। एला दहेज घलो कहे जाथे। टिकावन क … more →
wrote 11 months ago: भड़ौनी व गारी गीत Download: BihavGeet_Bhadauni.mp3 // हम-का जानी हम-का जानी, दुरूग भिलई के पानी रे हम … more →
wrote 11 months ago: भड़ौनी व गारी गीत बरात परघाय के बाद बराती मन ल जेवनास ले जाये जाथे। उहां मरदनिया ह सब झनके पांव धोवा … more →
wrote 11 months ago: परघनी बराती जब बरात ले के कन्या के गांव पहुंचथे त वधू पक्ष कोती ले बराती मन के अबढ़ जोर सोर से स्वागत … more →
wrote 12 months ago: बरात निकासी बरात माने वर यात्रा । वर पक्ष के वधू के घर बिहाव बर जाये के नेंग ए बरात। दुल्हा के सगा-स … more →
wrote 1 year ago: मउर सौंपना मउर/मौर माने मुकुट। मुकुट जे होथे राजा-महाराजा के सिंगार अउ जिम्मेदारी के निशानी। मउर पहि … more →
wrote 1 year ago: नहडोरी बरात जाये के पहिली, वर ल नहलाये के समय ले कंकण (डोरी) बांधे के बेरा तक गाये जाने वाला गीत ल न … more →
wrote 1 year ago: दौतेला तेलचघी के बाद के नेंग ए ‘दौतेला’ एला ‘देवतला’ घलो किथे। दौतेला में सु … more →
wrote 1 year ago: तेलचघी मड़वा गाड़य अउ मंगरोहन स्थापना के बाद सुरु होथे ‘तेलचघी’ के नेंग। तेलचघी के नेंग … more →
wrote 1 year ago: मंगरोहन एके तेल चढ़गे कुंवरि पियराय । दुवे तेल चढ़गे महतारी मुरझाय ।। तीने तेल चढ़गे फूफू कुम्हलाय । चउ … more →
wrote 1 year ago: आज अक्षय तृतीया हे, आज के दिन से सादी-बियाह के सुरुवात होथे। घर के सियान मन अपन नोनी-बाबू के लगन के … more →