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गुलामी अब भी चालू है-हिन्दी हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago:              ब्रिटेन के राजघराने की उनके देश में ही इतनी इज्जत नहीं है जितना हमारे देश के प्रचार माध … more →

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प्रचारक महाराज का तंत्र-हिन्दी हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago:           प्रचारक महाराज ने अपने सचिव से कहा-‘यह बताओ, इस बार अपने प्रचार तंत्र से आय कम होने का कार … more →

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बड़े बोल-हिंदी कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: बड़े बोल अपने ही जाल में फंसा देते हैं, जो बोले वह रोए बाकी जग को हंसा देते हैं। कहें दीपक बापू प्राण … more →

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दौलत के ढेर पर ज़माना-हिन्दी व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: सपने बेचने का व्यापार बहुत सरल है हल्दी लगे न फिटकरी रंग चोखा आये। जिदंगी के कड़वे सच से उकताये ज़माने … more →

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पैसा कभी ठंड तो कभी गर्मी पैदा करता है-हिन्दी व्यंग्य चिंत्तन

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago:                आजकल भारत में बेमौसम क्रिकेट मैच के आयोजन हो रहे हैं।  पहले जब भारत में कोई विदेशी क् … more →

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दरबारी बुत-हिन्दी कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: एक दूसरे के तख्ते बजाते लोग किसी ऊंचे तख्त पर होंगे विराजमान फिर हथियारों के पहरे में अपनी ढपली अपना … more →

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बाज़ार में बिकते सपनों के सौदे-विडियो पर चर्चा

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: सपनों का सौदा और बाज़ार-हिन्दी कविताhttp://youtu.be/xVyay7jtBqA … more →

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ढहती इमारत के निकली इबारत-हिन्दी लेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago:    मुंबई की एक इमारत ढह गयी।  उसमें अनेक लोग हताहत हुए। आठ मंजिल वाली उस इमारत के ढहने से लोगों का इ … more →

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विक्रम संवत 2070 प्रारंभःभिन्न रूपों के बावजूद सांस्कृतिक एकता का प्रतीक-हिन्दू नववर्ष पर एक लेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आज पूरे भारत में भारतीय नववर्ष 2070 मनाया जा रहा है। इसे हम विक्रमी संवत भी कहते हैं।  मूलतः इसे हिन … more →

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चाणक्य नीति-मान और सजा देने में सक्षम व्यक्ति ही लोकप्रिय बनता है

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago:                 कहा जाता है कि फिट है वही हिट है। दरअसल भौतिक उपलब्धियों के लिये जुटा इंसान न तो अपन … more →

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कौटिल्य का अर्थशास्त्र-अपना सम्मान बढ़ाने के लिये पाखंड करना अनुचित1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago:          आधुनिक समाज में प्रचार तंत्र का बोलबाला है। फिल्म हो या टीवी इनमें अपना चेहरा देखने और दिखा … more →

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विदुर नीति-पुरुष में उसका शील ही प्रधान का गुण 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago:                 आमतौर से हमारे समाज में यह भ्रम प्रचारित किया जाता है कि स्त्री को ही चरित्रवान होना … more →

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इन्टरनेट पर वीडियो जारी करने का रोचक दिलचस्प अनुभव-हिंदी लेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: वीडियो जारी करना एक रोचक अनुभव-हिन्दी लेख … more →

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इन्टरनेट पर वीडियो जारी करने का दिलचस्प अनुभव-हिंदी लेख1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago:     अभी हाल ही में होली का पर्व निकल गया।  दरअसल अपने कंप्यूटर पर 11 हजार रुपये खर्च उसका नवीनीकरण क … more →

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वीडियो पर हिंदी व्यंग्य प्रस्तुत करने का एक प्रयास

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: वीडिओ पर व्यंग्य कविता प्रस्तुत करने का प्रयास http://youtu.be/4HN16j3CN0Q … more →

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वीडियो प्रस्तुति के रूप में प्रयोग के लिए दो छोटी कविताएँ

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: http://youtu.be/OazauM-rBQ4   वीडियो प्रस्तुति के रूप में प्रयोग के लिए दो छोटी कविताएँ … more →

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ऋग्वेद के आधार पर एकल प्रायोगिक आध्यात्मिक चर्चा

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: ऋग्वेद के आधार पर एकल प्रायोगिक आध्यात्मिक चर्चा अध्यात्मिक चर्चा का यह एक अव्यवसायिक प्रयास है|: ht … more →

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ख्वाबों का व्यापार-हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: सूरज की रौशनी लेकर चमकता हुआ पत्थरों का पहाड़ चांद गीतों और गजलों में नायक बन गया, किसी ने साजन का चे … more →

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होली 2013 के अवसर पर विशेष वीडियो-एक प्रयास

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: यह विडियो प्रयोग के लिए प्रस्तुत किया जा रहा. अगर पाठकों और दर्शकों पसंद आया तो आगे भी ऐसे प्रयास हो … more →

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