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	<title>मुमकिन &amp;laquo; WordPress.com Tag Feed</title>
	<link>http://wordpress.com/tag/मुमकिन/</link>
	<description>Feed of posts on WordPress.com tagged "मुमकिन"</description>
	<pubDate>Sat, 06 Sep 2008 03:00:00 +0000</pubDate>

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	<language>en</language>

<item>
<title><![CDATA[कभी यूँ भी होता है]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=922</link>
<pubDate>Sat, 15 Mar 2008 04:03:37 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
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<description><![CDATA[कभी यूँ भी होता है ज़िन्दगी मिलती है खो ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">कभी यूँ भी होता है ज़िन्दगी मिलती है खो जाती है<br />
यह शाम उसकी यादों में मुझको डुबो जाती है</font></p>
<p><font color="#000000">नहीं यह मुमकिन वह मिल जाये जिसे तुम चाहो<br />
यह मोहब्बत चंद लोगों के दामन भिगो जाती है</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: ११ अगस्त २००४</p>
]]></content:encoded>
</item>
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<title><![CDATA[वह मौसम इक बार ]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=851</link>
<pubDate>Tue, 26 Feb 2008 17:24:01 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=851</guid>
<description><![CDATA[वह मौसम इक बार फिर सजा दे
प्यार करने की ]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">वह मौसम इक बार फिर सजा दे<br />
प्यार करने की मुझको सज़ा दे<br />
दीवानों की तरह तुझको देखे जाऊँ<br />
हाथों की लकीरों में वह क़ज़ा दे</font></p>
<p><font color="#000000">अरमान पिघलकर ख़त्म न हो जायें<br />
दिल में साँसें दफ़्न न हो जायें<br />
अपने सीने से लगा ले मुझे<br />
दिल में अपने मुझको जगह दे</font></p>
<p><font color="#000000">तेरी राहों पर निगाह है मेरी<br />
मेरे दिल में सिर्फ़ चाह है तेरी<br />
मेरे जीवन को अपनी चाहतों में डुबा दे<br />
मेरे सनम जीने की मुझको वजह दे</font></p>
<p><font color="#000000">वह मौसम इक बार फिर सजा दे<br />
प्यार करने की मुझको सज़ा दे...</font></p>
<p><font color="#000000">सूनी-सूनी आँखें रूख़ी-रूख़ी आँखें<br />
ख़ाली-ख़ाली है सीना ख़ुश्क़ हैं साँसें<br />
जुदा रहके जुदाई में जीना मुमकिन नहीं<br />
मेरे प्यार को अपने प्यार की फ़िज़ा दे</font></p>
<p><font color="#000000">दीवानों की तरह तुझको देखे जाऊँ<br />
हाथों की लकीरों में वह क़ज़ा दे...</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: ३० अप्रैल २००३</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[जो दिल से जाता नहीं है]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=813</link>
<pubDate>Mon, 18 Feb 2008 19:42:20 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=813</guid>
<description><![CDATA[जो दिल से जाता नहीं है
तू वह गीत है
जो द]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">जो दिल से जाता नहीं है<br />
तू वह गीत है<br />
जो दिल में आकर बसा था<br />
तू वह मीत है</font></p>
<p><font color="#000000">साँसों की सरगम बस तुम ही तुम<br />
लफ़्ज़ों में जब हम बस तुम ही तुम</font></p>
<p><font color="#000000">कहना कितना मुश्किल था<br />
यह समझा न सके<br />
अपने दिल की बात हम<br />
तुम्हें बता न सके</font></p>
<p><font color="#000000">जो दिल से जाता नहीं है<br />
तू वह गीत है<br />
जो दिल में आकर बसा था<br />
तू वह मीत है</font></p>
<p><font color="#000000">प्यार क्या है सनम हमें कब पता था<br />
हमें जब तुम मिले तब पता चला था</font></p>
<p><font color="#000000">अकेले रहना मुमकिन नहीं<br />
यह कह न सके<br />
अपने दिल के जज़्बात हम<br />
तुम्हें जता न सके</font></p>
<p><font color="#000000">जो दिल से जाता नहीं है<br />
तू वह गीत है<br />
जो दिल में आकर बसा था<br />
तू वह मीत है</font></p>
<p><font color="#000000">अब तो ऐसा लगता है मुझको<br />
जैसे फूलों में ख़ुशबू नहीं है<br />
तुम जो नहीं यहाँ पर सनम<br />
जैसे यहाँ पर कुछ भी नहीं है</font></p>
<p><font color="#000000">बेचैन करती हैं यादें दिन-रात<br />
बुझती नहीं हैं साँसें<br />
हर लम्हा सोचता हूँ क्या मैं<br />
करूँ तो क्या करूँ</font></p>
<p><font color="#000000">जो दिल से जाता नहीं है<br />
तू वह गीत है<br />
जो दिल में आकर बसा था<br />
तू वह मीत है</font></p>
<p><font color="#000000">कुछ और अब बाक़ी नहीं<br />
बस मैं हूँ मेरा ख़ाब है<br />
ख़ामोश रहती हैं यह रातें<br />
बस मैं हूँ मेरा साथ है</font></p>
<p><font color="#000000">ज़िन्दगी मेरी तुम बदलकर चले गये<br />
तन्हा कर गये हमें तन्हा कर गये</font></p>
<p><font color="#000000">जो दिल से जाता नहीं है<br />
तू वह गीत है<br />
जो दिल में आकर बसा था<br />
तू वह मीत है</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: १९९८-१९९९</p>
]]></content:encoded>
</item>
<item>
<title><![CDATA[यह ज़िन्दगी मेरी एक पतंग है]]></title>
<link>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=811</link>
<pubDate>Mon, 18 Feb 2008 18:46:20 +0000</pubDate>
<dc:creator>विनय प्रजापति</dc:creator>
<guid>http://vinayprajapati.wordpress.com/?p=811</guid>
<description><![CDATA[यह ज़िन्दगी मेरी एक पतंग है
मैं जिसको च]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p><font color="#000000">यह ज़िन्दगी मेरी एक पतंग है<br />
मैं जिसको चाहता हूँ<br />
वह मुझसे बेरंग है<br />
उड़ती है बिल्कुल अकेली<br />
ढ़ूढ़ती है कोई सहेली<br />
यह सच है या कोई पहेली<br />
कभी इधर डोलती है<br />
कभी उधर डोलती है<br />
जाने किसमें क्या टटोलती है<br />
यह मुमकिन को<br />
ना-मुमकिन समझती है<br />
जितना समझती है<br />
उतना ही उलझती है</font></p>
<p><font color="#000000">यह ज़िन्दगी मेरी, एक पतंग है<br />
मैं जिसको चाहता हूँ<br />
वह मुझसे बेरंग है<br />
वह साथ नहीं मेरे<br />
फिर भी लगता है मेरे संग है<br />
यह ज़िन्दगी मेरी एक पतंग है</font></p>
<hr />शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’<br />
लेखन वर्ष: १९९८-१९९९</p>
]]></content:encoded>
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