Blogs about: मेरी ग़ज़ल

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नहीं आसाँ तो मुश्किल ही सही13 comments

Vinay Prajapati wrote 4 years ago: नहीं आसाँ तो मुश्किल ही सही मुझको मोहब्बत है’ तुम से ही नाज़ है तुम्हें’ थोड़ा ग़ुरूर मुझ … more →

टैग: इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, distance, बात, दूरी

नहीं आसाँ तो मुश्किल ही सही13 comments

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हुआ है आज उनका फ़ैसला मेरे ख़िलाफ़9 comments

Vinay Prajapati wrote 4 years ago: हुआ है आज उनका फ़ैसला मेरे ख़िलाफ़ सुनने में आया है न करेंगे मुझे मुआफ़ उस ने एक भी मौक़ा न दिया मुझ को … more →

टैग: Heart, दिल, रात, Night, मौक़ा, Chance, शिगाफ़, Crack, cloth

हुआ है आज उनका फ़ैसला मेरे ख़िलाफ़9 comments

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वह मुस्कुराया और रूठा भी11 comments

Vinay Prajapati wrote 4 years ago: वह मुस्कुराया और रूठा भी वह सच्चा है और झूठा भी दूर था तो क़रीब था दिल के उसकी बात से दिल टूटा भी इक … more →

टैग: ख़ाब, Heart, क़रीब, दिल, झूठा, dream, Attraction, कशिश, Near

वह मुस्कुराया और रूठा भी11 comments

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सहर-ब-सहर मैं ढूँढ़ता रहा शुआएँ9 comments

Vinay Prajapati wrote 4 years ago: सहर-ब-सहर1 मैं ढूँढ़ता रहा शुआएँ2 कहाँ छिप गयीं नूर-सी रोशन निगाहें न कोई घर रहा मेरा न कोई ठिकाना म … more →

टैग: नूर, दोस्त, दर्द, Love, तन्हाई, मंज़िल, Pain, दुआ, घर

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कैसे मिलूँ तुमसे जो न मिलना चाहो7 comments

Vinay Prajapati wrote 4 years ago: कैसे मिलूँ तुमसे जो न मिलना चाहो चला चलूँ अगर साथ चलना चाहो नहीं कहते हो मुझ से हर बार तुम करूँ क्या … more →

टैग: इश्क़, Love, Flower, गुल, प्यार, मोहब्बत, Insanity, Meeting, Laugh

कैसे मिलूँ तुमसे जो न मिलना चाहो7 comments

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तेरी तीरे-नज़र किस अदा से यार उठती है7 comments

Vinay Prajapati wrote 4 years ago: तेरी तीरे-नज़र किस अदा से यार उठती है रह-रहकर रुक-रुककर बार-बार उठती है हम बीमारि-ए-इश्क़ के मारे हुए … more →

टैग: इश्क़, ज़िबह, Love, प्यार, मोहब्बत, यार, जानिब, बेवजह, नज़र

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दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते9 comments

Vinay Prajapati wrote 4 years ago: दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते आँसू बहते हैं इतना छुपाये नहीं छिपते होता है कभी, शाम आती है चाँ … more →

टैग: चाँद, Heart, दिल, शाम, ख़ुदा, Separation, तस्व्वुर, मरासिम, आँसू

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वह मुझसे बहुत नफ़रत करता है16 comments

Vinay Prajapati wrote 4 years ago: वह मुझसे बहुत नफ़रत करता है जाने सही करता है या ग़लत करता है वह मुझे नहीं चाहता, जानता हूँ मैं दिल फि … more →

टैग: इश्क़, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, नफ़रत, जानिब, desire, Hate

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यह सोज़गाह है कि मेरा दिल है8 comments

Vinay Prajapati wrote 4 years ago: यह सोज़गाह1 है कि मेरा दिल है मुझको जलाने वाला मेरा क़ातिल है जिसे देखकर उसे रश्क़2 आता है वह कोई और नह … more →

टैग: हासिल, Heart, दिल, शामिल, दुनिया, क़ातिल, World, include, लहू

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मेरी मोहब्बत को समझते हो तुम ग़लत9 comments

Vinay Prajapati wrote 4 years ago: मेरी मोहब्बत को समझते हो तुम ग़लत, ग़लत नहीं है तुमको चाहा है मैंने अगर इसमें कुछ ग़लत नहीं है दिखा … more →

टैग: इश्क़, Love, डर, प्यार, चेहरा, मोहब्बत, हसीन, नज़र, Wrong


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