विनय wrote 8 months ago: अब होश नहीं रहता क्या करता हूँ कभी जीत … more →
विनय wrote 8 months ago: ख़ाबों में रंग भरना शौक़ नहीं सवालों का … more →
विनय wrote 9 months ago: मेरा दर्द मेरा दु:ख मेरा अपना … more →
विनय wrote 9 months ago: धीरे-धीरे उतरती है साँस सीने में यह दर … more →
विनय wrote 9 months ago: तुमको न पाया तो खोया भी कुछ नहीं पत्थर … more →
विनय wrote 9 months ago: आज वह हर शख़्स मुझे बेग़ाना लगता है कल त … more →
विनय wrote 9 months ago: तो अब दोस्त रह गये बस नाम के हम अज़ीज़ है … more →
विनय wrote 9 months ago: छिटककर मेरे दामन पे आ गया दाग़ मोहब्बत … more →
विनय wrote 9 months ago: तुम बिन यह बहार यह ख़िज़ाँ हो न हो तुम बि … more →
विनय wrote 9 months ago: मैं जलता हूँ उस आग से जिस आग को जलाना है … more →
विनय wrote 9 months ago: न चाह कर भी तुमसे चाह कर बैठा यह क्या गु … more →
विनय wrote 9 months ago: रंगे-हिना से भी चटख मेरी आँखों का रंग ह … more →
विनय wrote 9 months ago: वह चाँद से तेरी बातें करना याद आया तेर … more →
विनय wrote 9 months ago: जो होता है भले के लिए होता है ख़ुद को सम … more →
विनय wrote 9 months ago: न रखो वह तस्वीरें हरी जिनसे दिल दुखता … more →
विनय wrote 9 months ago: राहें क्या-क्या न आयेंगी इस दौरे-बदनाम … more →
विनय wrote 9 months ago: ज़बीने-माह पर गेसू की लहर याद आती है वह ग … more →
विनय wrote 9 months ago: तू कर यह वादा भी मेरे अल्लाह तू संग न हो … more →
विनय wrote 9 months ago: हम भी पागल थे ग़ैरों को अपना जानते थे रु … more →