Blogs about: मेरी त्रिवेणी
अंधी ख़ला में
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: हमने तो कभी दिल की अंधी ख़ला में किसी च … more »
कितना काला पड़ गया हूँ
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विनय प्रजापति wrote 4 months ago: मैं तेरे इश्क़ की छाँव में जल-जलकर कितन … more »
जाने किस गली में
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विनय प्रजापति wrote 4 months ago: जाने किस गली में, मैं चाँद भूल आया हूँ ज … more »
कितने दिन हुए
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: कितने दिन हुए कोई टूटता सितारा नहीं दे … more »
मैं अगर एक तरफ़ा हूँ
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: मैं अगर एक तरफ़ा हूँ तो यह भी सही इस बद्त … more »
यह शाम की धूप
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: कोई हमसायादार पेड़ नहीं मिला ज़हर मिले … more »
मग़फ़रत कर ऐ ख़ुदा
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: ‘नज़र’ को मग़फ़रत कर ऐ ख़ुदा ऐसा भी क् … more »
