Blogs about: मेरी नज़्म
उम्मीदो-शौक़ सारे मैंने
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: उम्मीदो-शौक़ सारे मैंने तुझसे जोड़ लिए … more »
जाने क्या ढूँढ़ता हूँ बे-दर्द ज़माने में
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: जाने क्या ढूँढ़ता हूँ बे-दर्द ज़माने मे … more »
मुझे यक़ीं था मेरे खु़दा
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: मुझे यक़ीं था मेरे खु़दा है तू गर पत्थर … more »
जब भी नाराज़ होती हो
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: जब भी नाराज़ होती हो ख़ुद से उदास रहती ह … more »
जब भी देखता हूँ तेरी तस्वीर
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: जब भी देखता हूँ तेरी तस्वीर तो यूँ लगत … more »
आँखों पे आइना क्यों
— 1 comment
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: आँखों पे आइना क्यों चमकाती हो कहो तो य … more »
आज की रात मेरे ख़ाबों के मकाँ पे
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: आज की रात मेरे ख़ाबों के मकाँ पे उस गहर … more »
शाख़ों से उतरते थे जो फूल
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: इक बार फिर फ़साना लिख रहा हूँ वही टुकड़ … more »
ऐसा पहले तो मैंने नही देखा उसे...
विनय प्रजापति wrote 9 months ago: पहले भी उसे कई बार देखा है मैंने कभी मु … more »
एक उदासी परछाईं की तरह
विनय प्रजापति wrote 9 months ago: शाम हुई एक उदासी परछाईं की तरह जिस्म क … more »
वह हर्फ़ आज भी अटका हुआ है
विनय प्रजापति wrote 9 months ago: ज़हन के बियाबाँ में किसी शज़र की शाख़ पर … more »
वह दिवाली की शाम थी
विनय प्रजापति wrote 9 months ago: वह दिवाली की शाम थी तुम अपने घर की चौखट … more »
नासमझी की बात करते हो
विनय प्रजापति wrote 9 months ago: है भला कौन जीत सका ‘नज़र’ से हमसे लड़ … more »
वो मेरे मायने ही बदल देते हैं
विनय प्रजापति wrote 9 months ago: लफ़्ज़ मेरे किसी सादे काग़ज़ की तरह हैं जि … more »
कोई दिलसिताँ नहीं आता
विनय प्रजापति wrote 9 months ago: कोई दिलसिताँ नहीं आता इन पर, तन्हा पड़ … more »
आज टूटते बरसते रहे बादल
विनय प्रजापति wrote 9 months ago: आज टूटते बरसते रहे बादल, मेरे आगँन के न … more »
मिलने का ये सिलसिला...
विनय प्रजापति wrote 9 months ago: कभी तू आये ख़ाब में मेरे हाथ पकड़ के ये … more »
चेहरों की भीड़ में रहता हूँ
विनय प्रजापति wrote 9 months ago: चेहरों की भीड़ में रहता हूँ इसलिए कि त … more »
बुराई
विनय प्रजापति wrote 9 months ago: मेरे ज़हन से बुरा और क्या होगा शायद मेर … more »
