Blogs about: मौसम
जब-जब चाँद को
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: जब-जब चाँद को छूना चाहा है मैंने बादलो … more »
कभी हम मौसम थे
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: कभी हम मौसम थे कभी ख़ुद मौसम था सावन की … more »
दीप जलाओ रात को पूनम कर दो
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: दीप जलाओ रात को पूनम कर दो मेहबूब की या … more »
ख़ाली सीने में कुछ धुँआ-धुँआ-सा है
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: ख़ाली सीने में कुछ धुँआ-धुँआ-सा है जिस … more »
आइये...सर्दी का स्वागत करते हैं।
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Nitin Bagla wrote 5 months ago: अनामदास अपने चिट्ठे पर योरोप की आसन्न … more »
हमने अबस की आरज़ू छोड़ दी
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: हमने अबस की आरज़ू छोड़ दी तुमको पाने की … more »
शाम गहरी हो रही थी
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: शाम गहरी हो रही थी सुनहरा चाँद बादलों … more »
बारिश जैसी हो तुम
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: खिली हुई शाम की बिखरी हुई धूप में बारि … more »
