wrote 2 years ago: चाणक्यपुरी में खड़े खड़े बहुत देर तक उसे ऑटो नहीं मिला तो मोहन, शिवाजी स्टेडियम जाने वाली बस में बैठ ग … more →
wrote 2 years ago: वो जो बेचते थे जहर अब तक, सुना है पहने झक सफेद कपड़े डाले गले में आला महामारी भगाने की अपनी क्षमता का … more →
wrote 2 years ago: बर्फीले तूफान के कारण गाड़ी बहुत धीमे धीमे चल पा रही थी। कप्तान साहब परेशान थे कि अगर समय रहते सुंरग … more →
wrote 2 years ago: “तुम पक्के देशद्रोही बन चुके हो सुदीप”, आवेश से तमतमाती हुयी रागिनी ने कहा। “हराम … more →
wrote 2 years ago: जीवन का कुछ पता नहीं चलता कि यह किस करवट सोयेगा और कैसी अंगड़ाई लेकर जागेगा। लोगों को बात का पता भी न … more →
wrote 2 years ago: बहुधा ऐसा हो जाता है कि विश्व प्रसिद्ध विदेशी लेखक अपनी पुस्तकों में भारत से जुड़ी बातों को गलत ढ़ंग स … more →
wrote 2 years ago: कुछ साल पहले ही देश में युवाओं को अट्ठारह साल की उम्र में वोट देने का अधिकार दे दिया गया था। केबल टी … more →
wrote 2 years ago: साहब, कोई सज्जन हैं, कहते हैं इंग्लैंड से आये हैं और आपसे मिलना चाहते हैं। अर्दली ने एक विज़िटिंग कार … more →
wrote 2 years ago: अविभाजित भारत में सन 1911 के फरवरी माह की 13 तारीख को जन्मे फैज़ अहमद फैज़ की नायाब शायरी का ही जादू ह … more →
wrote 2 years ago: ऐसा हो जाता है कि लोग अपने आप को खुदा समझने लगते हैं और ऐसी गलतफहमी पाल बैठते हैं कि देश का भला केवल … more →
wrote 2 years ago: और अंततः कविराज, जैसे कि पढ़ाई के जमाने से ही वे मित्रों में पुकारे जाते थे, की पहली पुस्तक प्रकाशित … more →
wrote 2 years ago: चार दिन गायब रहने के बाद हरेंद्र हॉस्टल वापस आया तो बहुत खुश था। अपने कमरे में जाकर सामान रखने के बा … more →
wrote 2 years ago: बात उन दिनों की है जब मुल्ला नसरुद्दीन को एक प्रदेश के शिक्षा विभाग ने कुछ समय के लिये इंस्पेक्टर ऑफ … more →
wrote 2 years ago: पदमभूषण, राज्यसभा के सदस्य श्री भगवती चरण वर्मा ने चित्रलेखा, रेखा, भूले-बिसरे चित्र (साहित्य अकादमी … more →
wrote 2 years ago: पृथ्वीवासी अब हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक संगीत सम्राट प. भीमसेन जोशी की सजीव संगीत प्रस्तुतियों का आ … more →
wrote 2 years ago: किसी कारण दोनों लड़कों का मूड ऑफ था। दोनों ही अपने अपने विचारों में खोये हुये पैदल चलते रहे। बाहर से … more →
wrote 2 years ago: कुंवर, अछूत बने बिना कैसे समझोगे? खुद पर जब तक न बीते कोई मानव, पीड़ा समझता ही नहीं। अब बन जाओगे तो ख … more →
wrote 2 years ago: साधारण जवान से लेकर सीओ साहब तक पूरी कमान में कैप्टन विक्रमादित्य और उनके सहायक हिम्मत सिंह की जोड़ी … more →
wrote 2 years ago: समय कभी-कभी विपरीत का महत्व स्पष्ट तरीके से रेखांकित करता है। कालिख के सामने उजलेपन की महत्ता ज्यादा … more →