यह विडम्बना थी कि ऐक महान सभ्यता के उत्तराधिकारी होने के बावजूद भी हम ऐक हज़ार वर्षों से भी अधिक मुठ्ठी भर आक्रान्ताओं के दास बने रहै जो स्वयं ज्ञान-विज्ञान में पिछडे हुये थे। किन्तु उस से अधिक दःखदाई… more →
हिन्दू महा सागरwrote 6 months ago: यह विडम्बना थी कि ऐक महान सभ्यता के उत्तराधिकारी होने के बावजूद भी हम ऐक हज़ार वर्षों से भी अधिक मुठ … more →
wrote 7 months ago: बटवारे पश्चात का ऐक कडुआ सच यह है कि भारत को फिर से हडपने की ताक में अल्पसंख्यक अपने वोट बैंक की संख … more →
wrote 7 months ago: अरबों की मार्फत योरुप पहुँचे भारतीय ज्ञान-विज्ञान ने जब पाश्चात्य देशों में जागृति की चमक पैदा करी त … more →
wrote 7 months ago: ‘जियो और जीने दो’ के मूल मंत्र को क्रियात्मिक रूप देने के लिये मानव समुदायों ने अपनी स्थानीय भूगौलिक … more →
wrote 11 months ago: हिन्दू मतानुसार धर्म तथा अध्यात्मिक्ता प्रत्येक व्यक्ति का निजि क्षेत्र है। ईश्वर तथा आत्मा का सम्बन … more →
wrote 11 months ago: किसी भी देश या समाज के कानून वहाँ के सामाजिक विकास, सभ्यता, तथा नैतिक्ता मूल्यों के दर्पण होते हैं। … more →
wrote 1 year ago: हमें अपने पूर्वजों के धर्म, संस्कृति और इतिहास को जानना चाहिये। हिन्दू धर्म सभी धर्मों में सरल है कि … more →