साहित्य की सदैव से समाज में प्रमुख भूमिका रही है। स्वाधीनता आन्दोलन के दौरान पत्र-पत्रिकाओं में विद्यमान क्रान्ति की ज्वाला क्रान्तिकारियों से कम प्रखर नहीं थी। इनमें प्रकाशित रचनायें जहाँ स्वतन्त्रत… more →
हिंदी पटल - हिन्दी की उत्कृष्ट रचनाएँwrote 2 years ago: साहित्य की सदैव से समाज में प्रमुख भूमिका रही है। स्वाधीनता आन्दोलन के दौरान पत्र-पत्रिकाओं में विद … more →
wrote 2 years ago: एक वक्त था जब संपादकों को देखा या सुना नहीं, केवल पढ़ा जाता था। इस ‘आइवरी टॉवर’ रवैये की बेहतरीन मिस … more →
wrote 2 years ago: कश्मीर में शांति कैसे आए, इसका जवाब ढूंढने के लिए नई दिल्ली में सभी राजनीतिक दलों के नेता बैठे तो … more →
wrote 2 years ago: सन् 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में सात से 11 सितंबर तक चली फिल्लौर की लड़ाई को आज भी सेना इतिहास म … more →
wrote 2 years ago: कांग्रेस के पास पूंजीवादी राज्य नहीं है और आदिवासी-ग्रामीणों को लेकर जो प्रेम सोनिया गांधी से लेकर र … more →
wrote 2 years ago: आज सफलता की होड़ में लोग कहां-कहां भाग रहे हैं। जिसे जहां जगह मिल जाए वहीं प्रतिस्पर्धा शुरू हो जाती … more →
wrote 2 years ago: सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के यज्ञ का आरम्भ किया महर्षि दयानन्द सरस्वती ने और इस यज्ञ को प … more →
wrote 2 years ago: आजादी के जश्न के साथ-साथ जन-गण मन धुन के रचियता कैप्टन राम सिंह ठाकुर के जन्मदिन को भी 15 अगस्त को ध … more →
wrote 2 years ago: हम भारतीय अपने नेताओं के बारे में चाहे जो सोचें और अपने लोकतंत्र को प्रदूषित और भ्रष्ट करने के लिए इ … more →
wrote 2 years ago: समानता और स्वतंत्रता के बीच का विवाद इस सदी का एक महत्त्वपूर्ण दार्शनिक विवाद रहा है। शीतयुद्ध के चा … more →
wrote 2 years ago: दिल्ली में क्या इससे कमजोर सरकार कभी आएगी ? कमजोर इसलिए क्योंकि इस सरकार के लिए देश के सम्मान, देश क … more →
wrote 3 years ago: विश्व में अनेक संस्कृतियाँ पनपी और मिट गई। आज उनका कहीं नामोंनिशान तक नहीं है, सिर्फ उनकी स्मृति बाक … more →
wrote 3 years ago: भारतीय संस्कृति अपनी विशिष्ट पहचान के कारण सदैव विश्व के लिए आदरणीय एवं वन्दनीय रही है। प्राचीन भारत … more →
wrote 3 years ago: इतिहास में सब कुछ सत्य नहीं होता। इतिहास में अधिकांशतः तथ्य होता है। पसंदीदा तथ्य को आधार मानकर अधिस … more →
wrote 3 years ago: हमारा देश और हमारी जनता प्राण-रक्षा की समस्या से व्याकुल हैं। हमारे देश का शासन सम्भाले लोगों का दाव … more →
wrote 3 years ago: यह आम धारणा है कि सरदार पटेल कांग्रेस के तीन दिग्गजों-महात्मा गाँधी, पं. नेहरु और सुभाषचंद्र बोस के … more →
wrote 3 years ago: भारत ने महाशक्ति का दर्जा पाने के लिए क़दम तो बढ़ा दिए हैं, लेकिन इस राह में बड़ी-बड़ी खाइयां हैं। इ … more →
wrote 3 years ago: जल्दीबाजी में अलग तेलंगाना राज्य की मांग मानकर केंद्र ने ऐसे अंतहीन रास्ते पर कदम बढ़ा दिए हैं जिसकी … more →
wrote 3 years ago: नई दिल्ली [31 dec, 09]। दुनिया भर में अलग-अलग क्षेत्रों में अब तक जो भी विकास हुए हैं, वह प्रत्यक्ष … more →