Blogs about: समानता

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बेटियां 2 comments

Indira wrote 10 months ago: कहीं एक बेटी जिन्दा दफनाई गयी कही एक बेटी अस्त्रोपचार कर बेटा बनाई गयी कही कोई दहेज़ के वास्ते जिन्द … more →

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1 - सृष्टि और सृष्टिकर्ता

चाँद शर्मा wrote 1 year ago: सृष्टि में सृजन-विसृजन का क्रम चलता रहता है। जिन तथ्यों को हम आज वैज्ञियानिक सत्य मानते हैं, उन की ज … more →

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हे संविधान जी नमस्कार…25 comments

सत्यार्थमित्र wrote 2 years ago:   हे संविधान जी नमस्कार, इकसठ वर्षों के अनुभव से क्या हो पाये कुछ होशियार? ऐ संविधान जी नमस्कार … more →

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हिंदी में लिखा जा रहा साहित्य प्रायः प्रासंगिक नहीं है15 comments

सत्यार्थमित्र wrote 2 years ago: प्रोफेसर गंगा प्रसाद विमल ने ‘शुक्रवारी’ में रखी बेबाक राय… शुक्रवारी चर्चा आजकल जबर्दस्त फॉर् … more →

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सांप्रदायिकता और तुष्टिकरण के बीच पिसता आम मुसलमान8 comments

सत्यार्थमित्र wrote 2 years ago:   वर्धा विश्वविद्यालय में हुई धर्मनिरपेक्षता पर चर्चा महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्ववि … more →

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अनूप जी, अब सम्हालिए... सेमिनार तय हो गया!!15 comments

सत्यार्थमित्र wrote 3 years ago:   पिछली पोस्ट में मैने जिस सेमिनार के न हो पाने की बात बतायी थी उसके आयोजन की तैयारी में आदरणीय … more →

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प्रगति मैदान के पुस्तक मेले से खबरें अच्छी नहीं हैं...21 comments

सत्यार्थमित्र wrote 3 years ago:   किताबों की खुसर-फुसर… भाग-४ “…स्टॉल में रखी किताबें एकदम अकेली हैं। उनका अकेलापन … more →

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हरितालिका व्रतकथा में भय तत्व20 comments

सत्यार्थमित्र wrote 3 years ago:   हरितालिका तीज का व्रत अभी अभी सम्पन्न हुआ। एक दिन पहले पत्नी के साथ कटरा बाजार में जाकर व्रत … more →

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ब्लॉग की किताब चल कर आयी...45 comments

सत्यार्थमित्र wrote 3 years ago:   आज स्वतन्त्रता दिवस है, और आज मेरी पुस्तक प्रेस से छूटकर मेरे घर आ गयी है। हिन्दुस्तानी एकेडे … more →

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किताबों की खुसर-फुसर भाग-३21 comments

सत्यार्थमित्र wrote 3 years ago: सम्बन्धित पिछली कड़िया- किताबों की खुसर-फुसर भाग-१ किताबों की खुसर-फुसर एक क्षेपक किताबों की खुसर-फुस … more →

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लोकतन्त्र के भस्मासुर27 comments

सत्यार्थमित्र wrote 3 years ago:   “कृपया मेरे सच बोलने पर नाराज न होइए; कोई भी व्यक्ति जो इस नगर-राज्य में घट रही अनेक अन्यायपू … more →

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बच के रहना रे बाबा... जाने कौन कैसा मिल जाय- भाग-२21 comments

सत्यार्थमित्र wrote 3 years ago: (इस पोस्ट को पढ़ने से पहले इसका पूर्वार्द्ध जानना आवश्यक है। यदि आप पिछली पोस्ट न पढ़ पाये हों तो यहाँ … more →

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सच्चाई की परख सबमें है... पर करते क्यों नहीं?22 comments

सत्यार्थमित्र wrote 3 years ago:   यह दुनिया भी ग़जब निराली है। इसमें रहने वाले लोग अपनी सामाजिक प्रास्थिति में अपने व्यवहार को … more →

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ब्लॉगिंग कार्यशाला: पाठ-४ डॉ.कविता वाचक्नवी (हिन्दी कम्प्यूटिंग) प्रथम भाग9 comments

सत्यार्थमित्र wrote 4 years ago:   “हिन्दी ब्लॉगिंग की दुनिया” के बारे में जो कार्यशाला इलाहाबाद में हुई उसकी तस्वीरें, विषय-प्र … more →

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सालगिरह से निकली नयी राह...23 comments

सत्यार्थमित्र wrote 4 years ago:   ये रही एक माइक्रो-पोस्ट टूटी-फूटी से हुआ, सपना इक साकार। भेंट चढ़ा ब्लॉगरी के पूरा इक परिवार॥ … more →

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प्रकृति ने औरतों के साथ क्या कम हिंसा की है...?18 comments

सत्यार्थमित्र wrote 4 years ago:   हाल ही में ऋषभ देव शर्मा जी की कविता ‘औरतें औरतें नहीं हैं’ ब्लॉगजगत में चर्चा का केन्द्र बनी … more →

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हमारी बात मान लो2 comments

प्रेमलता पांडे wrote 7 years ago: बहुत हो गया अत्याचार, फैल गया भ्रष्टाचार, अब इसे लगाम दो, विराम की ठान लो, तभी क्रांति आएगी, सारे मे … more →

टैग: भावांजलि, जिओ और जीने दो


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