विनय wrote 7 months ago: तुम मेरे हो तुम मेरे हो तुम मेरे हो दिल … more →
विनय wrote 7 months ago: याद आती हैं फिर वह तारीख़ें मेरा करना … more →
विनय wrote 8 months ago: मेरी राहों की रेत पर उसके पैरों का निश … more →
विनय wrote 8 months ago: दिल में दुआ दिल में पिया दिल ने चाहा दि … more →
विनय wrote 9 months ago: धीरे-धीरे उतरती है साँस सीने में यह दर … more →
विनय wrote 9 months ago: न रखो वह तस्वीरें हरी जिनसे दिल दुखता … more →
विनय wrote 1 year ago: एक मुलाक़ात की इल्तजा है उससे दुआ है वह … more →
विनय wrote 1 year ago: क्या पाया और कितना पाया ज़िन्दगी से हमे … more →
विनय wrote 1 year ago: रूह बहुत बेक़रार’ बहुत बेकल है इस जिस … more →
विनय wrote 1 year ago: एक पानी में भीगी हुई किताब जाने किसने? … more →
विनय wrote 1 year ago: यह कौन-सा मुक़ाम है? जहाँ आकर सब चेहरे एक … more →