बेरुखी अदा कब से हो गयी, गिला बददुआ कब से हो गयी| ऐतराज़ ना ज़ाहिर किया जो, ख़ामोशी रज़ा कब से हो गयी| बेरुखी अदा कब से हो गयी… कराह उठे हम ज़ख्मों से, चीख सदा कब से हो गयी| बेरुखी अदा कब से हो गयी… more →
वीर की कलम सेwrote 1 month ago: दूर खिसक जाय ये सफर! [गीत] (लिखित और वीडियो काव्य पठन) – घनश्याम ठक्कर (ओएसीस) Computer Art: Oasis T … more →
wrote 1 month ago: हिन्दी कविता काव्य-संग्रह : हिन्दी कविता, अंग्रेजी कविता, उर्दू शायरी & पंजाबी कविता … more →
wrote 2 months ago: यह बहता पानी, मौजोँ की रवानी, इक जोश-ए-जवानी, अद्भुत-सी कहानी, यह बहता पानी।। है प्रेरक प्रसंग, अबाध … more →
wrote 2 months ago: द्वंद्व छिड़ी हुई है मन में किस पथ को अपनाऊँ मैं | सब कहते हैं वो अपने हैं किसके संग हो जाऊं मैं? हर … more →
wrote 2 months ago: नौशादजी का बॅंन्ड किसने बजाया? (हास्य – सत्यकथा) – घनश्याम ठक्कर [ओएसीस] Computer Art: Oasis Thacker … more →
wrote 3 months ago: याद आया ( विडियो गझल पठन) – घनश्याम ठक्कर (ओएसीस) 0.000000 0.000000 … more →
wrote 3 months ago: इक मासूम से चेहरे पे मुस्कान ज़िंदगी बच्चे के लिये बलून की दूकान ज़िंदगी . उसने दिल की बात खुल के कभ … more →
wrote 3 months ago: वो खोया बचपन दिख जाता है कभी उन नन्हें क़दमों में जो स्कूल जाने से हिचकिचाते हैं | वो खोया बचपन दिख ज … more →
wrote 4 months ago: मेरे गाँव के तालाब से सटे, जहां छोटी पगडण्डी जाती है, वहां, पेड़ों के झुर्मुठ के तले, एक है मे … more →
wrote 4 months ago: सोच रही हूँ सुबह से किएक चित्र बनाऊं मैंकुछ विकृत, विषम औरकुछ विचित्र बनाऊं मैं कई निरर्थक लकीर जो … more →
wrote 4 months ago: बड़े-बड़े शहरों के वे बड़े-बड़े मकानकितना छोटा कर देते हैं हमें कभी कभी इनके ऊपर चढ़ कर अब तोपौधे से … more →
wrote 4 months ago: courtsey: trip to Mt. Bromo पहले पहर के सूरज के संग समेट के अपना सामान और बाँध के अपने जूते निकल पड़े … more →
wrote 4 months ago: बंद कमरों की ख़ामोशी में कुछ यूँ डूबे रहते हैं हम अब कि ज़िन्दगी की पुकार दरवाज़े पर ही जाती है दब अपने … more →
wrote 4 months ago: courtsey: trip to Bintan, Indonesia हवा के थपेड़ों से झुके वो पेड़ नारियल के सुना रहे थे कहानी अपने बी … more →
wrote 4 months ago: वैष्नवजन तो उसको कहें {भावानुवाद + वाद्य संगीत MP3} घनश्याम ठक्कर गांधीजी का सबसे प्रिय, नरसिंह महे … more →
wrote 5 months ago: Oasis as Shrlock Holmes 2012 स्टेट्स,लोक-प्रिय पोस्ट, पेजिस और डाउनलोडस प्यारे दोस्तों, मैं दैनिक आ … more →
wrote 6 months ago: मित्रो आज ये जिहाद के बारे में सोच रहा था की क्या ये सच में खुदा का आदेश है तो याद आया अगर खुदा का … more →
wrote 7 months ago: दोस्तों सोचा हम हिंदू भी एक ईद मनाते है मुल्ले कहते है अल्लाह बडा दयालू है , और वैसे भी ये तो बकरे ज … more →
wrote 8 months ago: हम धूल के व्यसनी पवन! (गीत) घनश्याम ठक्कर 0.000000 0.000000 … more →