उसे खोने का दर्द, तो

तेरे खोने का डर हे मुझे।

 

उसे पाने कि ख्वाईश….,

तो तेरे होने की खुशी हे मुझे।

 

उसके छोड जाने का गम….,

तो तेरे पास रेह्ने का घमंड हे मुझे।

 

उससे दिल तोडने की सजा…,

तो तुझ्से जिंदगी की सोगात मिली हे मुझे।।

 

खुदा कि रेहमत से…,

उसके शक्ल मे धोका…..,

ओर तेरी शक्ल मे खुद खुदा मिला हे मुझे॥

 

**** संदीप जगताप