दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: वफा अब मुफ्त में नहीं मिलती अगर दाम दे … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: आया फंदेबाज और एक किताब हाथ में थमाते … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: बरसों से कभी ऐसे मेघ नहीं बरसे हमेशा र … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: खबरों की खबर वह रखते हैं अपनी खबर हमेश … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: समाज के शिखर पर बैठे लोग हांकते हैं ऐस … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: गीत और संगीत से दिल मिल जाते हैं पर अब त … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: अपने संगठन का चिंतन शिविर उन्होंने कि … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: मन का समंदर है गहरा जहां ख्याल तैरते ह … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: किसे मित्र कहें किसे शत्रू आदमी बंटा ह … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: यूं तो चमकता चाँद देखकर अपना दिल बहला … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: आया फंदेबाज और बोला ‘दीपक बापू तुम्हा … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: भीड़ में हमेशा खोते रहे अपने से न मिलन … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: वर्षा ऋतु का की पहली फुहार प्रेमी को म … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: अपने दर्द से भला कहां हमारे आंखों में … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: सूरज की गर्मी में झुलसते हुए पानी में … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: लिखे उन्होंने चंद शब्द और दूसरों को ल … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: आसमान से जो देखा धरती पर तो इंसान चींट … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: किसी को खुश देखकर ही जब मजा आता हो तब क … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: आदमी से ही डरा आदमी अपने लिये एक झुंड ब … more →