एक दिन अकबर अपने मत्रीं बीरबल के साथ अपने महल के बाग में घूम रहे थे. बीरबल बागों में उडते कौओं को देखकर कुछ सोचने लगे और बीरबल से पूछा, “क्यों बीरबल, हमारे राज्य में कितने कौए होंगे”? बीरब… more →
यह भी खूब रहीGirijesh Rao wrote 3 weeks ago: संशय निकष है ऋत का भी ।यह पंक्ति नरेश मेहता रचित ‘संशय की एक रात’ खंड काव्य में आई है। र … more →
Girijesh Rao wrote 2 months ago: तुलसीदास को पढ़ने के बाद मुझे यही लगा कि एक निहायत ही पारदर्शी व्यक्तित्त्व के साथ समर्थकों और विरोध … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 10 months ago: बाबर ज़हिर उद-दिन मुहम्मद (14 फरवरी 1483 – 26 दिसम्बर 1530) जो बाबर के नाम से प्रसिद्ध … more →
pryas wrote 1 year ago: एक दिन अकबर अपने मत्रीं बीरबल के साथ अपने महल के बाग में घूम रहे थे. बीरबल बागों में उडते कौओं को दे … more →
pryas wrote 1 year ago: एक बार एक आदमी ने अपना कुँआ एक किसान को बेच दिया. अगले दिन जब किसान ने कुँए से पानी खिंचना शुरू किया … more →
pryas wrote 1 year ago: महाराजा अकबर, बीरबल की हाज़िरजवाबी के बडे कायल थे. उनकी इस बात से दरबार के अन्य मंत्री मन ही मन बहुत … more →
pryas wrote 1 year ago: एक दिन अकबर और बीरबल महल के बागों में सैर कर रहे थे. फले-फूले बाग को देखकर अकबर बहुत खुश थे. वे बीरब … more →
pryas wrote 1 year ago: ऊँट की गर्दन क्यों मुडी है (अकबर-बीरबल) अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे. एक दिन दरबार में ख … more →
pryas wrote 1 year ago: एक दिन अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल, क्या तुम बता सकते हो कि मेरी पत्नी के हाथों में कितनी चु … more →
pryas wrote 1 year ago: जब महेश दास जवान हुआ तो वह अपना भाग्य आजमाने राजा बीरबल के पास गया. उसके पास राजा द्वारा दी गई अंगूठ … more →
pryas wrote 1 year ago: अकबर को शिकार का बहुत शौक था. वे किसी भी तरह शिकार के लिए समय निकल ही लेते थे. बाद में वे अपने समय क … more →