( अजंता देव की सद्यप्रकाशित काव्य-पुस्तिका ‘एक नगरवधु की आत्मकथा’ से साभार . अनुसृजन का आभास देती यह काव्य-पुस्तिका सृजन का ऐसा अनुपम उदाहरण है जो तथाकथित (सतही) मौलिकता से कहीं लाख गुना ब… more →
अनहद नादPRIYANKAR wrote 1 year ago: ( अजंता देव की सद्यप्रकाशित काव्य-पुस्तिका ‘एक नगरवधु की आत्मकथा’ से साभार . अनुसृजन का … more →