दिल में अजब से ख़यालात हैं आज उनसे पहली मुलाक़ात है ज़ुल्फ़ें जो बिखरीं तो फ़िर क्या कहें लगा दिन में जैसे हुई रात है शमा जो जली संग पतंगे जले अब अपने भी ऐसे ही हालात हैं दानिश थे जितने वो नादाँ हुए अदाओं … more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 1 year ago: दिल में अजब से ख़यालात हैं आज उनसे पहली मुलाक़ात है ज़ुल्फ़ें जो बिखरीं तो फ़िर क्या कहें लगा दिन में जैस … more →