सूरज की किरण मेरे चाँद से टकराई, तन बदन मे मेरे जैसे आग लग आई, उसने ली कुछ इस तरह से अंगडाई, फूलों से उड़ एक तितली मेरे करीब आई, आँखें खुली नजरो से नज़रे टकराई, थोड़ा वो शरमाई फिर मुस्कुराई, दिल मे मेरे… more →
मेरे दिल ने...Amarjeet Singh wrote 1 year ago: सूरज की किरण मेरे चाँद से टकराई, तन बदन मे मेरे जैसे आग लग आई, उसने ली कुछ इस तरह से अंगडाई, फूलों स … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ठंडी हवा का एक झोका गुजरा, जैसे मेरा यार मुस्कुराता हुआ गुजरा, दिल मे मेरे एक उदासी सी छाई, तकदीर मु … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: एक पल सुखी एक पल दुखी, दो घड़ी कुछ इस तरह बीत चली, ज़िंदगी जैसे मुझसे रूठ चली, एक पल अपना एक पल पराया … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ये कौन आया रेगिस्तान मे हरियाली सी छा गई, उसकी कातिल अदाएँ मेरे दिल-ओ-दिमाग पे छा गई, कही जोश-ऐ-जूनू … more →