घनी रात है , अँधेरा जवां है… सन्नाटे मैं लिपटा मेरा जहाँ है .. चाँदनी अगर मिल भी जाए तो क्या है? इन आखों मैं तो तेरा चेहरा बसा है.. चाँद सुन्दर है तो क्या है ? दिल ने तो तुमको चाहा है.. दिल… more →
दिल और दर्द के नाम...intehaan wrote 8 months ago: घनी रात है , अँधेरा जवां है… सन्नाटे मैं लिपटा मेरा जहाँ है .. चाँदनी अगर मिल भी जाए तो क्या … more →