वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा जिस दिन भी पुकारा उसने मुझे मेरे मद्यए-मुक़ाबिल के सर मौत का सेहरा होगा वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा मैं दूर से ही देखकर उसे ज़िन्दा हूँ हूँ इन्तिज़ार में वह किस दिन मुझे… more →
तख़लीक़-ए-नज़रNidhi KM wrote 5 months ago: छोटे छोटे सपने थे, पास मेरे सब अपने थे, न थी चाह, आसमान मे उड़ाने की, धरती ही मेरी अपनी थी, बड़ा सोच … more →
विनय wrote 1 year ago: वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा जिस दिन भी पुकारा उसने मुझे मेरे मद्यए-मुक़ाबिल के सर मौत का सेहरा होग … more →