हम बहुत कुछ कहना चाहते है | रोज हमारे भीतर नई-नई बातें जन्म लेती रहती है | कई बाते ऐसी भी होती है जिन्हें हम किससे कहे, हमे पता नही होता, फिर भी हम उन्हें वयक्त करने की इच्छा रखते है | सोची गई अधिकतर … more →
उलटवांसीAmarjeet Singh wrote 1 year ago: हम बहुत कुछ कहना चाहते है | रोज हमारे भीतर नई-नई बातें जन्म लेती रहती है | कई बाते ऐसी भी होती है जि … more →