ख़ामोश निगाह तेरी क्या बातें करती है आँखों में रहती है व नींदों में बहती है दिल की बात करें क्या एक सपने का बंजारा है भटक रहा है सदियों से तेरे प्यार का मारा है ख़ामोश निगाह तेरी क्या बातें करती है… more →
तख़लीक़-ए-नज़रदीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जब भी हम ढूढ़ते हैं अपने लिए प्यार पर मिलती है सब जगह से दुत्कार खुद करो चाहे किसी से भी तुम मांगो न … more →
kmuskan wrote 1 year ago: आज मेरा चाँद उदास है दुनिया से अनजान अपने ही ख्यालो में उलझा है जानती हूँ उसकी उलझन पर उसे सुलझाना म … more →
विनय wrote 1 year ago: ख़ामोश निगाह तेरी क्या बातें करती है आँखों में रहती है व नींदों में बहती है दिल की बात करें क्या एक … more →