नोबल पुरस्कार देने वालों ने वाकई हास्यास्पद स्थिति का निर्माण किया है। उन्होंने अमेरिका के कट्टर विरोधियों को बहुत कुछ आरोप लगाने का अवसर दिया है जो इस अवसर का खूब उपयोग कर रहे हैं। अमेरिका के कट्टर स… more →
दीपक भारतदीप की शब्द- पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 2 months ago: नोबल पुरस्कार देने वालों ने वाकई हास्यास्पद स्थिति का निर्माण किया है। उन्होंने अमेरिका के कट्टर विर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मैने अखबार पढ़ना बचपन से ही शुरू किया क्योंकि मोहल्ले का वाचनालय हमारे किराये के घर के पास … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: कोई हमारे दर्द को आकर सहलाये इस चाह में इन्तजार करने का ज़माना अब नहीं रहा किसी के दर्द को सहलाकर हम … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 2 years ago: मेरा अमरीका मय भारत ———-> 1 सुबह के 11 बजे जब में उठी तो आदत से मजबूर बोली रामू … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 2 years ago: मेरा अमरीका मय भारत ———-> 1 सुबह के 11 बजे जब में उठी तो आदत से मजबूर बोली रामू … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: स्कूल में बच्चों को प्रोत्साहन देने के लिए ड्राइंग के शिक्षक ने चित्रकार प्रतियोगिता का आयोजन किय … more →
Prem Piyush wrote 2 years ago: हिन्दुस्तान अमरीका बन जाए तो कैसा होगा – पाँच बातें । यह बीस-सुत्री कार्यक्रम जैसे स्टाईल में … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: (यह व्यंग्य रचना काल्पनिक तथा किसी व्यक्ति या घटना से इसका कोई संबंध नहीं है ) देखो वही अपनी जिन्दगी … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: देवराज इंद्र द्वारा राजा हरिश्चन्द्र के पुत्र रोहित को उपदेश के रुप में संस्कृत में दिए गये श्लोक का … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: मुखों की बैठक में सिंहासन पर मुखोटा रखने का मसला उठा था सबके चेहरे थे दागदार चुनाव के जुए में लोगों … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: अपनी इच्छाओं और आशाओं की सतत पूर्ती को ही मनुष्य वास्तविक सुख समझता है -उसे लगता है … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: उनके इन्तजार में गुजारे कयी बरस जिन्हें कभी हमारी याद न आयी जब वह आये हमारे घर उनका बदल रुप देखकर ल … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: जळ बिन सब सून -यह सबने सुना है पर शायद हमारे लोग सुनते हैं तो बस सुनन … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: हम सारा दिन किसी न किसी काम में लगे रहने का प्रयास करते हैं, क्योंकि अपने जी … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: जब सामान्य आदमी के मन में हलचल होती है वह उसे शांत करने के लिए किसी ज्ञानी क … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: अक्सर लोग यह कहते हैं कि हमें धर्म की जरूरत क्यों है? हम अपना काम अच्छी … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: Tमानवीय संवेनाओं पर अब कई तरह के व्यापार चल रहें हैं। uanhxzke dk fddzsV ls D;k laca/k gS\ bldk lh/k … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: blogयह हर कोइ जानता था कि सभी क्रिकेटर अनफिट हीं पर कोइ बोलने के लिए तैयार नहीं था। Hkkjr fo’ … more →
प्रेमलता पांडे wrote 3 years ago: धर्म का मेरे जीवन में बहुत महत्त्व है। मैं समझती हूं यदि किसी के जीवन में धर्म नहीं है तो जीवन जीना … more →