मेरे एक मित्र हैं, छात्रजीवन के सहपाठी । वैज्ञानिक विषयों में उनकी रूचि बचपन से ही रही है । ज्योतिष में उनका तनिक भी विश्वास नहीं है, यद्यपि उनके पुरखे कभी पौरोहित्य कर्म के साथ ज्योतिष का कार्य भी कर… more →
जिंदगी बस यही हैयोगेन्द्र जोशी wrote 1 week ago: मेरे एक मित्र हैं, छात्रजीवन के सहपाठी । वैज्ञानिक विषयों में उनकी रूचि बचपन से ही रही है । ज्योतिष … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: प्रदर्शन की लालसा या प्रवृत्ति प्रायः हर मनुष्य के व्यक्तित्व का एक खास पहलू होता है । मैं इसे एक हा … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: रेलगाड़ी से यात्रा करना कभी-कभी असामान्य अनुभव दे जाता है, ऐसे अनुभव जो कभी आनंदित कर जाता है तो कभी … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: इस समय मैं अमेरिका की ‘सांता क्लारा’ नगरी में हूं, करीब एक माह के प्रवास पर । यह स्थान कैलिफोर्निया … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 2 months ago: जातीय मानसिकता हमारे हिंदू समाज की विशेषता कही जाती है, एक ऐसी विशेषता जिस पर गर्व नहीं किया जा सकता … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 3 months ago: पूर्वाह्न का समय है । मैं सागभाजी खरीदने निकल पड़ता हूं घर से । मेरे घर से कोई तीनएक सौ मीटर की दूरी … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 4 months ago: यह वाकया करीब पच्चीस वर्ष पुराना है । तब मैं सपरिवार द्विवर्षीय उच्चानुशीलन (हायर स्टडीज) हेतु इंग्ल … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 5 months ago: मानव समाज में भेदभाव की भावना सर्वव्यापी है । भेदभाव का आधार सभी समाजों में एक ही हो ऐसा नहीं है । अ … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 6 months ago: दो रोज पहले किसी टीवी चैनल पर खबर सुनने को मिली कि कानपुर शहर के एक महिला डिग्री कालेज में प्राचार्य … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 7 months ago: मैं भविष्यवाणी करने की किसी भी विधा को स्वीकार नहीं कर पाता । इसके कारण हैं । भौतिकीविद् की हैसियत स … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 7 months ago: जिजीविषा प्राणीमात्र की सहज वृत्ति है, किंतु आत्महत्या कदाचित् मनुष्य की विशिष्टता है । आत्महत्या दी … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 8 months ago: मनुष्य अपने स्वभाव की कमजोरी के कारण कभी-कभी नशे का शिकार हो जाता है । नशे के लत के पीछे कई कारण हो … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 8 months ago: आम तौर पर लोग किसी व्यक्ति के बारे में बहुत सोच-विचार कर अपनी धारणा नहीं बनाते हैं । बहुधा वे अपरिपक … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 8 months ago: एक बार अपने प्रातःकालीन वार्तापत्र में मुझे बुद्धिजीवियों की किसी गोष्ठी के बारे में समाचार पढ़ने को … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: अगर आप राजधानी दिल्ली को केवल शॉपिंग मॉलों, शॉपिंग कॉम्प्लैक्सों, गगनचुम्बी इमारतों, मेट्रो, खूबसूरत … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: मैं लुधियाना की अनेक कम्पनियों में काम कर चुका हूँ लेकिन हर प्राईवेट कम्पनी के मालिकों का व्यवहार एक … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 9 months ago: मेरा एक सवाल है: अगर आपको राह चलते कोई व्यक्ति मिल जाये जो आपसे किसी प्रकार की मदद मांगने लगे, तब आप … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 9 months ago: ट्रेनों और स्टेशनों को चमकदार बनाए रखने वाले १४०० सफाई कर्मियों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं, ठेकेदरों … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 10 months ago: कभी-कभी दिलचस्प किस्से-कहानियां अखबारों के माध्यम से पढ़ने-सुनने को मिल जाती हैं । ऐसा ही एक वाकये के … more →