Lost your password?

Blogs about: अनुभूति

Featured Blog

समन्दर पीने से भी प्यास नहीं बुझेगी (samandar se bhee pyas nahin bujhegee)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 10 hours ago: सभी लोग हमेशा दूसरे के सुख देखकर मन में अपने लिये उसकी कमी का विचार करते हुए अपने को दुःख देते हैं। … more →

Tags: अभिव्यक्ति, मस्तराम, व्यंग्य, हास्य कविता, हास्य व्यंग्य, हिन्दी शायरी, हिन्दी शेर, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

ईमानदारी में गज़ब कैसा-हिन्दी हास्य व्यंग्य (imandari men gazab- hindi vyangya)

दीपक भारतदीप wrote 11 hours ago: सप्ताह में उस दुकान से एक बार तो बेकरी का सामान जरूर खरीदते हैं। ऐसा बरसों से चल रहा है। वह दुकानदार … more →

Tags: abhivyakti, अभिव्यक्ति, आलेख, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, भारत, मस्तराम, व्यंग्य चिंतन, हास्य व्यंग्य

भाषा का लफड़ा-हिन्दी हास्य व्यंग्य (bhasha ka lafada-hindi commedy satire

दीपक भारतदीप wrote 11 hours ago: शाम के समय दीपक बापू अपने घर से बाहर निकल एक निकट के उद्यान में हवा खाने पहुंचे। अंदर प्रवेश करने से … more →

Tags: अभिव्यक्ति, मस्तराम, सूचना, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, hindi abhivyakti, Hindi Blogging

किताबों में लिखे शब्द दुनियां नहीं चलाते-व्यंग्य कविता (kitab,shabd aur duniya-vyangya kavita)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 3 days ago: किताबों में लिखे शब्द कभी दुनियां नहीं चलाते। इंसानी आदतें चलती अपने जज़्बातों के साथ कभी रोना कभी ह … more →

Tags: अभिव्यक्ति, व्यंग्य, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, hindi bharat, hindi bhasha, Hindi Blogging

हमदर्दी कला-व्यंग्य कविता (art of sypothy)

दीपक भारतदीप wrote 4 days ago: हमदर्दी जताने की कला हमें कभी नहीं आई किसी का दर्द देखकर मन रोया मन भर आंसु पर आंखें दरिया न बन पाई। … more →

Tags: abhivyakti, अभिव्यक्ति, क्षणिका, दीपक द्वारा, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, भारत, मस्तराम, हिन्दी

चाणक्य नीति-संतोष से ही अमृत मिलता है

दीपक भारतदीप wrote 4 days ago: संतोषाऽमृत-तुप्तानां यत्सुखं शान्तचेतसाम्। न च तद् धनलूब्धानामितश्चयेतश्च धावताम्।। हिंदी में भावार् … more →

Tags: अभिव्यक्ति, आलेख, समाज, सूचना, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, अध्यात्म, ज्ञान, धर्म

भर्तृहरि नीति शतक-क्षमा करती है कवच की तरह काम

दीपक भारतदीप wrote 5 days ago: क्षान्तिश्चत्कवचेन किं किमनिरभिः क्रोधीऽस्ति चेद्दिहिनां ज्ञातिश्चयेदनलेन किं यदि सहृदद्दिव्यौषधं कि … more →

Tags: अभिव्यक्ति, आध्यात्म, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, hindi abhivyakti, hindi bhasha, Hindi Blogging

योगासन, प्राणायाम, ध्यान और धारणा-हिन्दी लेख (hindi lekh on yogasan)

दीपक भारतदीप wrote 5 days ago: प्राचीन भारतीय योग साधना पद्धति की तरफ पूरे विश्व का रुझान बढ़ना कोई अस्वाभाविक घटना नहीं है। आज से द … more →

Tags: आलेख, मस्तराम, समाज, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Deepak bharatdeep, E-patrika, Family, Friends

ख्वाहिशें हमेशा बनी रही यार-हिंदी कविता (khavahishen-hindi kavita1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: यूं तो दर-ब-दर भटकते रहे इस नीले आसमान के नीचे। कभी सोचा न था कि इस दौर में भी छप रहे हैं धरती पर हम … more →

Tags: abhivyakti, अभिव्यक्ति, क्षणिका, दीपक भारतदीप, मस्तराम, हिन्दी, कला, मनोरंजन, मस्ती

अपनी रचनाएँ भुनाओ-हास्य कविता (apni rachna-hindi hasya kavita)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: श्रृंगार रस का कवि पहुंचा हास्य कवि के पास लगाये अच्छी सलाह की आस और बोला ‘यार, अब यह कैसा जमाना आया … more →

Tags: अभिव्यक्ति, इंटरनेट, दीपक भारतदीप, मस्त राम, व्यंग्य, शायरी, हास्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका

हिंदी आध्यात्मिक सन्देश-बेकार के कम न करें तो ही ठीक (vidur niti-bekar kam n karen)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: तथैव योगविहितं यत्तु कर्म नि सिध्यति। उपाययुक्तं मेधावी न तव्र गलपयेन्मनः।। हिंदी में भावार्थ-अच्छे … more →

Tags: arebic, अध्यात्म, अभिव्यक्ति, कला, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, शब्द, समाज

रामचरित मानस की चर्चा-चिंतन आलेख (ramcharit manas-hindi article)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: रामचरित मानस लिखने के 387 वर्ष बाद एक संत ने यह शोध प्रस्तुत किया है कि उसमें व्याकरण और भाषा की तीन … more →

Tags: अभिव्यक्ति, मस्तराम, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika, hindi bhasakar, hindi culture

रौशनी और अंधेरे की जंग-लघुकथा (roshni aur andher ke jang-hindi laghu katha)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: वैसे तो उन सज्जन की कोई इतनी अधिक उम्र नहीं थी कि दृष्टिदोष अधिक हो अलबत्ता चश्मा जरूर लगा हुआ था। ए … more →

Tags: अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, विश्वास, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, कला, कहानी

भीड़ में अपनी पहचान मत ढूंढो-व्यंग्य कविता (pahchan-vyangya kavita)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: भीड़ में अपनी पहचान ढूंढते हुए क्यों अपना वक्त बर्बाद करते हो. भीड़ जुटाने वाले सौदागरों के लिए हर श … more →

Tags: अभिव्यक्ति, मस्तराम, समाज, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, Hindi Blogging, hindi chating

प्रजातंत्र में ब्लॉग की महत्वपूर्ण भूमिका-हिंदी लेख (democracy and hindi blog-hindi article)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: भारत में इंटरनेट प्रयोक्ताओं की संख्या सात करोड़ से ऊपर है-इसका सही अनुमान कोई नहीं दे रहा। कई लोग इस … more →

Tags: Anubhuti, अभिव्यक्ति, आलेख, दीपक द्वारा, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, साहित्य, सृजन

समाज को नकली नायकों के महिमा मंडन बचना होगा-चिंत्तन आलेख (nakali naykon ka mahim mandan-hindi lekh)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: भारतीय अध्यात्मिक ज्ञान में व्यक्ति को सदैव सकारात्मक सोच की प्रेरणा दी जाती है। इसके पीछे मुख्य कार … more →

Tags: arebic, अभिव्यक्ति, कला, चिन्तन, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, संपादकीय, हिंदी साहित्य

बदतमीज बात पर नजर-हिंदी व्यंग्य (badtamij bat par nazar-hindi vyangya)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: एक टीवी चैनल को उसके मनोरंजक कार्यक्रम में अभद्र और अश्लील शब्दों के प्रयोग पर आखिर नोटिस थमा दिया ग … more →

Tags: अभिव्यक्ति, मस्तराम, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Blogroll, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

मनुष्य बनाने की जरुरत-चिंतन आलेख (charitra aur manushya-chintan alekh)

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: ऐसा नहीं लगता कि निकट भविष्य में जाति पाति, धर्म, भाषा, और क्षेत्र के आधार पर बने समूहों के आपसी विव … more →

Tags: abhivyakti, अभिव्यक्ति, चरित्र, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, दृष्टिकोण, मस्तराम, योग साधना, हिन्दी

नए स्वांग और मुखौटे-हास्य व्यंग्य कविताएँ (svang aur mukhaute-hindi satire poem)

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: रोज रचते हैं नया स्वांग चेहरे पर लगाते नए मुखौटे और बदलकर आते हैं कपड़े मगर छद्म होकर भी करते हैं हमे … more →

Tags: अभिव्यक्ति, मस्तराम, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika, Friends


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS