गीता आज एक ऐसे दोराहे पर खडी थी जहाँ उसे समझ नही आ रहा है िक वो कया करे ,कहाँ जाए िकससे अपने िदल की बात कहे। उसकी माँ ने उसे बचपन से यही िसखाया था िक एक औरत का अपना घर उसका ससुराल होता है । मायके मे त… more →
कुछ िदल सेwrote 1 year ago: गीता आज एक ऐसे दोराहे पर खडी थी जहाँ उसे समझ नही आ रहा है िक वो कया करे ,कहाँ जाए िकससे अपने िदल की … more →