Harihar Jha हरिहर झा wrote 6 months ago: एक गहन अन्धेरी गुफा से अपना जीवन चुरा कर चक्रव्यूह में फंस गया हूं रोता रहा रात भर बचाओ ! बचाओ! वर्ज … more →
Harihar Jha हरिहर झा wrote 1 year ago: पड़ोस की वह अन्धी लड़की पूछ बैठती है यह दिन है या रात ? टीस उठती है मेरे दिल में इतना भी नहीं जान पा … more →