इस कदर चाहा है तुझ कि खुद प्यार से महरूम हो गये, तुम्हारे पास आने के लिये हम खुद से दूर हो गये, पूछते हो कि आज हम खामोश क्यों हैं कुछ बोलते क्यों नहीं ? क्या करें, तेरी ठोकरों से टूट के हम चूर-चूर हो … more →
ApurnShubhashish Pandey wrote 1 year ago: इस कदर चाहा है तुझ कि खुद प्यार से महरूम हो गये, तुम्हारे पास आने के लिये हम खुद से दूर हो गये, पूछत … more →