चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूंथा जाऊँ, चाह नहीं प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ, चाह नहीं, सम्राटों के शव पर, है हरि, डाला जाऊँ चाह नहीं, देवों के शिर पर, चढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ! मु… more →
अभ्युदयaspundir wrote 1 year ago: गणेश-शाबर-मन्त्र की प्रमाणिकता पाठक बन्धुओं आज मैं कुछ अन्य प्रयोगों का प्रकाशन करने के लिये टाइप कर … more →
kuldeepsingh wrote 1 year ago: चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूंथा जाऊँ, चाह नहीं प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ, … more →