द्वेषो न साधुर्भवति न मेधावी न पण्डित। प्रिये शुभानि कार्याणि द्वेष्ये पापानि चैव ह।। हिंदी में भावार्थ-मनुष्य के हृदय में अगर किसी के प्रति द्वेष भाव का निर्माण होता है तो-भले ही वह साधु या विद्वान ह… more →
****दीपकबापू कहिन**** ****Deepak Bharatdeep's hindi patrika****दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: द्वेषो न साधुर्भवति न मेधावी न पण्डित। प्रिये शुभानि कार्याणि द्वेष्ये पापानि चैव ह।। हिंदी में भावा … more →