दर्द-ऐ-दिल ने उसे याद किया है फिर एक बार, दिल के अरमानों का खून किया है फिर एक बार, दर्द-ऐ-दिल ने उसे याद किया है फिर एक बार, सोचा था बिन देखे उसे चैन से मर न पाएंगे फिर एक बार, देख कर आज उसे चैन से स… more →
मेरे दिल ने...palakmathur wrote 2 weeks ago: कुछ अरमान इस दिल के, तनहा जीवन से तन्हाई मिटाने के ख़्वाब, कुछ चाहत उसे पाने की, थोड़ी आरज़ू उसमे खो … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: बड़े आदमी बनने के लिये सभी इंसान जूझ रहे हैं सदियां बीत गयी हैं पर कौन छोटा है या बड़ा सभी इस पहली स … more →
kmuskan wrote 12 months ago: जब आंखो मे सपने थे ,अरमान थे तो तुम्हे तब भी एतराज था आज जब हर सपना ,हर अरमान मर चुका है तो तुम्ह … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: दर्द-ऐ-दिल ने उसे याद किया है फिर एक बार, दिल के अरमानों का खून किया है फिर एक बार, दर्द-ऐ-दिल ने उस … more →
विनय wrote 1 year ago: क्या वह तुम थे जो आँखों को महका गये तमन्ना दबी-सी मेरे दिल में सुलगा गये मैं कितना तन्हा फिर रहा था … more →
विनय wrote 1 year ago: वह मौसम इक बार फिर सजा दे प्यार करने की मुझको सज़ा दे दीवानों की तरह तुझको देखे जाऊँ हाथों की लकीरों … more →
विनय wrote 1 year ago: जब-जब सनम तेरी यादें आती हैं कैसे कहें कितना तन्हा कर जाती हैं रोते हैं सब से छिपकर अँधेरों में ख़ुद … more →
विनय wrote 1 year ago: कब कहाँ रुकें, कब तक चलें ठहर जायें जहाँ दो पल के लिए वह मंज़िल है कहाँ? तुम जहाँ कहानियाँ कहती हों व … more →
विनय wrote 1 year ago: कुछ-कुछ होता है सनम जब-जब तुमसे मिलते हैं कैसे कहें हम सनम तुमसे मोहब्बत करते हैं… दिल डरता है … more →
विनय wrote 1 year ago: दिल में दुआ दिल में पिया दिल ने चाहा दिल ने किया इश्क़ पर किसका ज़ोर है बहती हवाओं में शोर है दिल में … more →
विनय wrote 1 year ago: सिवा इससे जो भी हो, करेंगे महब्बत तुझ बिन किसी से न करेंगे क़ज़ा ने भी हमसे ताक़त आज़माई की तुझ बिन हम ज … more →