जब आंखो मे सपने थे ,अरमान थे तो तुम्हे तब भी एतराज था आज जब हर सपना ,हर अरमान मर चुका है तो तुम्हे अब भी एतराज है तुम्हे ये हक किसने कब दिया आज मुझे तुम्हारे इस हक पे एतराज है… more →
कुछ िदल सेदीपक भारतदीप wrote 7 months ago: बड़े आदमी बनने के लिये सभी इंसान जूझ रहे हैं सदियां बीत गयी हैं पर कौन छोटा है या बड़ा सभी इस पहली स … more →
kmuskan wrote 1 year ago: जब आंखो मे सपने थे ,अरमान थे तो तुम्हे तब भी एतराज था आज जब हर सपना ,हर अरमान मर चुका है तो तुम्हे अ … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: दर्द-ऐ-दिल ने उसे याद किया है फिर एक बार, दिल के अरमानों का खून किया है फिर एक बार, दर्द-ऐ-दिल ने उस … more →
विनय wrote 1 year ago: क्या वह तुम थे जो आँखों को महका गये तमन्ना दबी-सी मेरे दिल में सुलगा गये मैं कितना तन्हा फिर रहा था … more →
विनय wrote 1 year ago: वह मौसम इक बार फिर सजा दे प्यार करने की मुझको सज़ा दे दीवानों की तरह तुझको देखे जाऊँ हाथों की लकीरों … more →
विनय wrote 1 year ago: जब-जब सनम तेरी यादें आती हैं कैसे कहें कितना तन्हा कर जाती हैं रोते हैं सब से छिपकर अँधेरों में ख़ुद … more →
विनय wrote 1 year ago: कब कहाँ रुकें, कब तक चलें ठहर जायें जहाँ दो पल के लिए वह मंज़िल है कहाँ? तुम जहाँ कहानियाँ कहती हों व … more →
विनय wrote 1 year ago: कुछ-कुछ होता है सनम जब-जब तुमसे मिलते हैं कैसे कहें हम सनम तुमसे मोहब्बत करते हैं… दिल डरता है … more →
विनय wrote 1 year ago: दिल में दुआ दिल में पिया दिल ने चाहा दिल ने किया इश्क़ पर किसका ज़ोर है बहती हवाओं में शोर है दिल में … more →
विनय wrote 1 year ago: सिवा इससे जो भी हो, करेंगे महब्बत तुझ बिन किसी से न करेंगे क़ज़ा ने भी हमसे ताक़त आज़माई की तुझ बिन हम ज … more →
palakmathur wrote 5 months ago: कुछ अरमान इस दिल के, तनहा जीवन से तन्हाई मिटाने के ख़्वाब, कुछ चाहत उसे पाने की, थोड़ी आरज़ू उसमे खो … more →