Lost your password?

Blogs about: अर्थशास्त्र

Featured Blog

मानवाधिकार-व्यंग्य आलेख (manvadhikar-vyanyga chittan)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 3 days ago: वर्तमान भौतिकवादी युग में यह मानना ही बेवकूफी है कि कोई बिना मतलब के जनसेवा करता है। अगर लाभ न हो तो … more →

Tags: अध्यात्म, अभिव्यक्ति, कला, मस्तराम, समाज, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, हिन्दी शायरी, हिन्दी शेर

नेपालको संपत्ति

प्रकाशित wrote 6 days ago: नेपालको संपत्ति नेपालसंग मात्र तिन कुरा छन्: जल, जमिन, र जंगल। यि तिनको संरक्षण र सदुपयोग गर्न नसके … more →

Tags: गन्थन

ये विडियो देखिये

jagadees wrote 3 months ago: … more →

चाणक्य नीति-बुरे संस्कार वालों के साथ बैठकर खाना भी न खाएं

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ——————- अर्थार्थीतांश्चय ये शूद्र … more →

Tags: hindi journlism, hindi web, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, Deepak bharatdeep, Deepak bapu, hindi bhasakar

चाणक्य नीति-भंवरे को कमल का महत्व विदेश में पता लगता है

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: अलिरय नलिनीदलमध्यगः मलिनीमकरंदमदालसः। विधिवशात्परदेशमुपागतः कुटजपुष्परसं बहु मन्यते।। हिन्दी में भाव … more →

Tags: hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi megzine, Deepak bharatdeep, Deepak bapu, hindi litreture, inglish, हिन्दी

चाणक्य नीतिः 'जस के साथ तस' नीति में दोष नहीं

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: संसार विषवृक्षस्य द्वे फले अमृतोपमे। सुभाषितं च सुस्वादु संगतिः सुजने जनै।। हिन्दी में भावार्थ-नीति … more →

Tags: arthshastra, अभिव्यक्ति, आलेख, चाणक्य नीति, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Blogroll, Chanakya

अर्थशास्त्र - मार्क्स , लोहिया से आगे (२): आंतरिक उपनिवेश,ले. सुनील2 comments

अफ़लातून wrote 8 months ago: पिछले भाग से आगे : जाहिर है लोहिया का यह निष्कर्ष गलत साबित हुआ । पूंजीवाद ज्यादा दीर्घायु और ज्यादा … more →

Tags: globalisation , privatisation, Gandhi, lohia, industralisation, capitalism, Environment, सच्चिदानन्द सिन्हा, सुनील, मार्क्स

अर्थशास्त्र , मार्क्स और लोहिया के आगे - सुनील2 comments

अफ़लातून wrote 9 months ago: लेखक समाजवादी जनपरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा अर्थशास्त्री हैं |डा. राममनोहर लोहिया की प्रसिद्ध पुस … more →

Tags: FDI, globalisation , privatisation, Gandhi, corporatisation, consumerism, Globalisation, lohia, industralisation, Energy

कंपनी कभी देवता तो कभी दानव -आलेख

दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: कंपनियों का सच यही है कि वह आम निवेशक और उपभोक्ता और अपने कर्मचारी का शोषण करने के लिये बनायी जाती ह … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, Blogging, Blogroll, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika, Friends

काले सौदे पर भी सफेद होने के प्रमाण होते-हास्य कविता1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: घर भरा है समंदर की तरह दुनियां भर की चीजों से नहीं है घर मे पांव रखने की जगह फिर भी इंसान बेचैन है च … more →

Tags: अध्यात्म, अभिव्यक्ति, व्यंग्य, हास्य, सन्देश, शायरी, शेर-ओ-शायरी, दीपक भारतदीप, web dunia

सदियों से धोखा देता आया चांद-कविता3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago:   आज महक जी  के ब्लाग पर एक फोटो और अच्छी गजल देखी। ऐसे में मेरा कवित्व मन जाग उठा। कुछ पंक्तियां मे … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, कविता, मस्तराम, व्यंग्य, शायरी, शेर

महिला बुद्धिजीवी सम्मेलन-हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सम्मेलनों के आयोजने करने के आदी लोगों की संस्था के पदाधिकारियों के  दिमाग  में ‘बुद्धिजीवी महिला सम् … more →

Tags: अभिव्यक्ति, आलेख, कला, मस्तराम, समाज, साहित्य, हास्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका

समाज से कमाने वालों, बांटकर खाना सीखो

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अमीरों के घर और होटलों पर मनाते जश्न भला गरीब कहाँ देख पाते हैं पर भरते हैं जो आहें अपनी गरीबी देखकर … more →

Tags: arthshastra, अनुभूति, कला, कविता, व्यंग्य, शायरी, समाज, साहित्य, हास्य

मनुस्मृति:एक दिन से अधिक ठहरने वाला अतिथि नहीं

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1.एक सज्जन व्यक्ति के घर से बैठने या विश्राम के लिए भूमि, तिनकों से बने आसन, जल तथा मृदु वचन कभी दूर … more →

Tags: Blogroll, Hindi friends, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi megzine, Deepak bharatdeep, hindi sahity, hindu dharm

चाणक्य नीति:अपनी हानि किसी को नहीं बतानी 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.बुद्धिमान व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने धन की हानि, अपने मानसिक संताप, अपने घर-परिवार के सदस्यों के … more →

Tags: arthshastra, आलेख, कला, चाणक्य नीति, समाज, साहित्य, हिन्दी, Blogging, Blogroll

मनुस्मृति:अपराधियों को अनदेखा न करे राज्य

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.अपनी क्षीण वृति, अर्थात आय की कमी से तंग होकर जो व्यक्ति रास्ते में पड़ने वाले खेत से कुछ कंद-मूल … more →

Tags: arthshastra, आलेख, कला, मनुस्मृति, संस्कार, समाज, साहित्य, हिन्दी, Blogging

चाणक्य नीति:मन का लगाव न हो तो आत्मीयता नहीं बन पाती

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1.जिसके प्रति लगाव(सच्चा प्यार) वह दूर होते हुए भी पास रहता है। इसके विपरीत जिसके प्रति लगाव नहीं है … more →

Tags: Blogroll, Hindi friends, hindi web, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine, Deepak bharatdeep

चाणक्य नीति:अपनी योजना गुप्त रखने पर ही सफलता संभव

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १. यदि आप सफलता हासिल करना चाहते हैं तो गोपनीयता रखना सीख लें. जब किसी कार्य की सिद्धि के लिए कोई यो … more →

Tags: arthshastra, आलेख, कला, चाणक्य नीति, संस्कार, समाज, साहित्य, हिन्दी, Blogging

चाणक्य नीति:मन शुद्ध हो तो प्रतिमा में भी भगवान्

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1.शास्त्रों की संख्या अनन्त, ज्योतिष,आयुर्वेद तथा धनुर्वेद की विद्याओं की भी गणना भी नहीं की जा सकती … more →

Tags: arthshastra, अध्यात्म, अभिव्यक्ति, आलेख, चाणक्य नीति, ज्ञान, संस्कार, समाज, साहित्य


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS