बीसीसीआई की क्रिकेट टीम बीस ओवरीय एक दिवसीय प्रतियोगिता में हार गयी और अब पता लगा कि उसमें पांच खिलाड़ी अनफिट थे। टीम जिस तरह अपने मैच खेल रही थी उससे लग तो नहीं रहा था कि वह कप जीत पायेगी पर इस कदर पि… more →
दीपक भारतदीप की ई-पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ——————- अर्थार्थीतांश्चय ये शूद्र … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अलिरय नलिनीदलमध्यगः मलिनीमकरंदमदालसः। विधिवशात्परदेशमुपागतः कुटजपुष्परसं बहु मन्यते।। हिन्दी में भाव … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: संसार विषवृक्षस्य द्वे फले अमृतोपमे। सुभाषितं च सुस्वादु संगतिः सुजने जनै।। हिन्दी में भावार्थ-नीति … more →
अफ़लातून wrote 3 months ago: पिछले भाग से आगे : जाहिर है लोहिया का यह निष्कर्ष गलत साबित हुआ । पूंजीवाद ज्यादा दीर्घायु और ज्याद … more →
अफ़लातून wrote 4 months ago: लेखक समाजवादी जनपरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा अर्थशास्त्री हैं |डा. राममनोहर लोहिया की प्रसिद्ध पुस … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: कंपनियों का सच यही है कि वह आम निवेशक और उपभोक्ता और अपने कर्मचारी का शोषण करने के लिये बनायी जाती ह … more →
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: घर भरा है समंदर की तरह दुनियां भर की चीजों से नहीं है घर मे पांव रखने की जगह फिर भी इंसान बेचैन है … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आज महक जी के ब्लाग पर एक फोटो और अच्छी गजल देखी। ऐसे में मेरा कवित्व मन जाग उठा। कुछ पंक्तियां मे … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सम्मेलनों के आयोजने करने के आदी लोगों की संस्था के पदाधिकारियों के दिमाग में ‘बुद्धिजीवी महिला सम् … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अमीरों के घर और होटलों पर मनाते जश्न भला गरीब कहाँ देख पाते हैं पर भरते हैं जो आहें अपनी गरीबी देख … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1.एक सज्जन व्यक्ति के घर से बैठने या विश्राम के लिए भूमि, तिनकों से बने आसन, जल तथा मृदु वचन कभी दूर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.बुद्धिमान व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने धन की हानि, अपने मानसिक संताप, अपने घर-परिवार के सदस्यों के … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.अपनी क्षीण वृति, अर्थात आय की कमी से तंग होकर जो व्यक्ति रास्ते में पड़ने वाले खेत से कुछ कंद … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1.जिसके प्रति लगाव(सच्चा प्यार) वह दूर होते हुए भी पास रहता है। इसके विपरीत जिसके प्रति लगाव नहीं है … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १. यदि आप सफलता हासिल करना चाहते हैं तो गोपनीयता रखना सीख लें. जब किसी कार्य की सिद्धि के लिए कोई यो … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1.शास्त्रों की संख्या अनन्त, ज्योतिष,आयुर्वेद तथा धनुर्वेद की विद्याओं की भी गणना भी नहीं की जा सकती … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.सुखद गृहस्थी और परिवार की सुख समृद्धि इस बात पर निर्भर करती है की परिवार का स्वरूप कैसा है. जहाँ प … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.शास्त्रों की संख्या अनन्त, ज्योतिष,आयुर्वेद तथा धनुर्वेद की विद्याओं की भी गणना भी नहीं की जा सकती … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बहुत समय से देश के विकास होने के प्रचार का मैं टीवी चैनलों और अख़बारों में सुनता आ रहा हूँ. तमाम त … more →