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Blogs about: अश्रेणीबद्ध

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अभिवादन!13 comments

rachanabajaj wrote 3 months ago: ” नमस्ते!! कैसी हैं आप?  ” जैसे ही मैने हिन्दी की उन वृद्ध अध्यापिका से कहा, वे खुश हो ग … more →

कोई हर्ज नही......9 comments

rachanabajaj wrote 4 months ago: यूं तो बताने से कोई फ़ायदा नही , फ़िर भी बता दूं तो कोई हर्ज नही! तुम चाहो तो सुन लो, नही तो नही, हर ब … more →

मेरी कविता मेरी आवाज! -- 211 comments

rachanabajaj wrote 5 months ago: **  ( भाग 2 और भाग ३ ) ..करीब ४ साल पहले नासिक आकाशवाणी से प्रसारित “विविधा” मे मेरा एक … more →

मेरी कविता मेरी आवाज!8 comments

rachanabajaj wrote 5 months ago: ..करीब ४ साल पहले नासिक आकाशवाणी से प्रसारित “विविधा” मे मेरा एक छॊटा सा कार्यक्रम प्रसा … more →

कविता जो नही बन पाई.....11 comments

rachanabajaj wrote 5 months ago: कई शब्द हैं और कुछ भावनाएं, सोचती हूं एक कविता बन जाये! कुछ कठिन शब्द हैं, कुछ सरल, कुछ वाक्य गड्डमग … more →

पोस्टकार्ड!!7 comments

rachanabajaj wrote 5 months ago: अन्तर्जाल के इस युग मे डाकिया और डाक तो अब भी आती है, लेकिन पत्र नही आते.. लेकिन कुछ दिनों पहले मेरे … more →

घरकुल....3 comments

rachanabajaj wrote 5 months ago: घरकुल, घर है कुछ खास लडकियों का…. शिल्पा, पिन्की, श्रुति, प्रिया, अदिति, रेणुका,लीना..आदि. श्र … more →

बेनामीयों के नाम.....9 comments

rachanabajaj wrote 5 months ago: यहां और यहां से पता चला कि हिन्दी ब्लॊग जगत के नामी- गिरामी चिट्ठाकार इन दिनो बेनामीयों से हैरान परे … more →

कभी धूप, कभी छांव..10 comments

rachanabajaj wrote 5 months ago: ..वैसे तो आप मेरी आवाज कई दिनों पहले सुन चुके हैं. इस बार सुनिये मेरी और मेरी दीदी के सम्मिलित स्वर … more →

अह्सास......12 comments

rachanabajaj wrote 7 months ago: कभी कभी हमारे अपने, हमसे कहीं दूर चले जाते हैं, वो फ़िर कभी वापस लौट कर नही आ पाते हैं.. फ़िर भी उन्हे … more →

इन्सान के अन्दर......12 comments

rachanabajaj wrote 9 months ago: ……. कभी कभी ऐसा होता है कि किसी इन्सान को हम धीरे धीरे, परत दर परत पह्चानने लगते हैं तब … more →

चतुर पंन्क्तियां.. :)21 comments

rachanabajaj wrote 9 months ago: आज मैने एक पत्रिका मे “CLERIHEW ” के बारे मे पढा.. एक ब्रिटिश लेखक श्री Edmund Clerihew … more →

तर्क-वितर्क...13 comments

rachanabajaj wrote 9 months ago: *** ये मेरे अपने दिमाग की उपज नही है बल्कि बहुत पहले किसी मित्र ने मेल को अग्रेषित करके भेजा था.. कर … more →

अभिनन्दन!!8 comments

rachanabajaj wrote 9 months ago: बाधाओं को दूर भगा दो, नई-नई अब राह बना दो, कर लो तुम नारि अभिनन्दन! नही रही मै ऐसी-वैसी, नही परिक्षा … more →

कोई भी काम छोटा या बडा नही होता..!8 comments

rachanabajaj wrote 9 months ago: मैने जैसे ही कमरे के अन्दर कदम रखा, उसने मुस्कुराते हुए मुझसे पूछा- “आ गयीं आप?” मैने कह … more →

जी भर के जी ले!!13 comments

rachanabajaj wrote 9 months ago: जी भर के जी ले इसे तू अभी ही, कभी ना पलट के ये पल आयेगा! गम हो या खुशियां, ठहर कुछ न पाता, एक दिन वक … more →

इतना गुस्सा??7 comments

rachanabajaj wrote 9 months ago: इस तरह की बात अब हर दिन सुनाई देती है.. दुख होता है, लेकिन दुख होने की भी एक आदत सी पड जाती है … more →

स्माइल..........:) 14 comments

rachanabajaj wrote 9 months ago: कल ऒस्कर समारोह मे संगीतकार रहमान की “जय” के साथ ही पिन्की की “स्माइल” भी चर … more →

सुनहरी शुभकामनाएं...........10 comments

rachanabajaj wrote 11 months ago: इस नववर्ष के आगमन के समय मै अपने भाईयो‍, भाभीयो‍, दीदी और खूब सारे बच्चो‍ के साथ थी….. व्यस्त … more →


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