Harihar Jha हरिहर झा wrote 11 months ago: बड़ा ख्याल रखा डर डर कर कि तुम्हारी निरव वाणी के सन्नाटे से मेरी मुरझाई चेतना का संतुलन न बिगड़े गीर न … more →
Harihar Jha हरिहर झा wrote 1 year ago: मिला सम्मान उसे नकारुं कैसे? हार पहनाया मुझे, हार उतारुं कैसे? हाय! क्षणभंगुर इन फूलों का जीवन कुम् … more →