कोई हमें भाता नहीं उस मेहरबां को छोड़कर और कुछ मिलता नहीं उससे फ़ुगां को छोड़कर … more →
Rohit Jain wrote 4 months ago: कोई हमें भाता नहीं उस मेहरबां को छोड़कर … more →
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