वो फूल ही कया जिसमे खुशबू ना हो वो दिल ही कया जिसमे किसी का पयार न हो वो पयार ही कया जिसमे दरद ना हो वो दरद ही कया जिसमे साथ ना हो वो साथ ही कया जिसमे अहसास ना हो … more →
कुछ िदल सेयोगेन्द्र wrote 9 months ago: बनारस में पान का चलन बहुत है और वह भी तंबाकू के साथ । पान चबाने पर मुंह में जमा होने वाले पीक को लोग … more →
kmuskan wrote 9 months ago: वो फूल ही कया जिसमे खुशबू ना हो वो दिल ही कया जिसमे किसी का पयार न हो वो पयार ही कया जिसमे द … more →
kmuskan wrote 12 months ago: गम का भी अपना ही मजा है गम न हो तो जीवन इक सजा है गम है तभी तो खुशी का अहसास है पर गम अगर हद से बढ … more →
विनय wrote 1 year ago: मेरे ही हाथों में टूटा है दम मेरा तेरे ही स्पर्श से तख़लीक़ हुआ है यह ‘विनय’… नया जन्म हुआ है … more →