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Blogs about: अफ़साना

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एक ख़ामोश अफ़साना3 comments

विनय wrote 1 year ago: एक ख़ामोश अफ़साना जो तुम्हारी नज़रों ने सुनाया है मुझे काश! वह तुम अपने लबों से मेरे लबों पर लिखती कभी … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, पल, ख़ामोश, नज़र

सुना है अफ़साना 4 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: इशरत का सुना है अफ़साना हैरत का सुना है अफ़साना चाँद सितारों से तेरी सूरत का सुना है अफ़साना लोगों ने स … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, Jan 2008, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

कोई तुमसे मुलाक़ात का बहाना ढूँढ़ता है5 comments

विनय wrote 1 year ago: कोई तुमसे मुलाक़ात का बहाना ढूँढ़ता है फिर से वही गुज़रा हुआ ज़माना ढूँढ़ता है वह एक पल जो थम के रह गया … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, time, Moment, प्यार, मोहब्बत, पल, सदा

जिगर को चाक करना चाहता हूँ

विनय wrote 1 year ago: जिगर को चाक करना चाहता हूँ साँसों में दर्द भरना चाहता हूँ गीली आँखों में सच्चे अफ़साने ऐसे जीवन से डर … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, दर्द, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, Pain

ना जीने को जी करता है

विनय wrote 1 year ago: ना   जीने   को   जी  करता  है ना   मरने   को  जी करता है तू   नहीं   है   जो   साथ   मेरे साथ रहने क … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, दर्द, Love, light, तन्हाई, प्यार, मोहब्बत, Pain

मेरी ज़बां से मेरा ही अफ़साना बिखरा1 comment

Rohit Jain wrote 1 year ago: मेरी ज़बां से मेरा ही अफ़साना बिखरा ढ़ूँढ़ो कहां जाने ये दिल दीवाना बिखरा नाकाम मै है इस से भी ग़ारत नहीं … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, Dec 2007, ही, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit

पहला-पहला नशा5 comments

विनय wrote 1 year ago: जादू जैसा छाया पहला-पहला नशा जी में आये पंख खोल उड़ जाऊँ मैं आस्माँ से आगे निकल जाऊँ मैं मस्ती दिल प … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, ख़ुशी, आस्माँ, दूर, इश्क़, Love, दिल, प्यार

अकेले हम हों कभी

विनय wrote 1 year ago: अकेले हम हों कभी, अकेले तुम हो और समन्दर का गुलाबी किनारा हो तन्हाई में हम हों रुसवाई में तुम हो तुम … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, तन्हाई, दिल, प्यार, मोहब्बत, चाहत, वफ़ा

आज वह हर शख़्स मुझे बेग़ाना लगता है3 comments

विनय wrote 1 year ago: आज वह हर शख़्स मुझे बेग़ाना लगता है कल तक जिसके लिए दिल दिवाना लगता है निगाहों में हैं सारे अंदाज़ आज … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, Friendship, दीवाना

ना लाओ ज़माने को तेरे-मेरे बीच3 comments

विनय wrote 2 years ago: ना लाओ ज़माने को तेरे-मेरे बीच दिल का रिश्ता है तेरे-मेरे बीच तंगिए-दिल से पहलू को छुटाओ गरज़ को न लाओ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, NEED, Heart, Love, दिल, distance, फ़ासला, Story, Stranger


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